दिल्ली: गर्भवती महिला कमांडो की पति ने हत्या की, दहेज प्रताड़ना समेत क्या-क्या जानकारी सामने आई?
क्या है खबर?
दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामले सामने आया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात 27 वर्षीय SWAT कमांडो काजल की उनके पति ने ही हत्या कर दी। 22 जनवरी को पति ने काजल के सिर पर जिम के डंबल से ताबड़तोड़ वार किए। इसके बाद काजल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 27 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई। आइए घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं।
घटना
पति ने सिर पर किए वार, खुद ही अस्पताल लेकर गया
पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी की रात करीब 10 बजे मोहन गार्डन स्थित घर पर काजल और उनके पति अंकुर का किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद अंकुर ने लोहे के डंबल से काजल के सिर पर कई वार किए। हमले के बाद लहूलुहान काजल को खुद अंकुर ही एक निजी अस्पताल लेकर गया और परिजनों को भी जानकारी दी। अंकुर रक्षा मंत्रालय में क्लर्क है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
शादी
गर्भवती थी काजल, 2023 में हुई थी लव मैरिज
काजल हरियाणा के गनौर की रहने वाली थी। वो 2022 में कांस्टेबल के रूप में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुई और अपनी प्रतिभा के दम पर स्पेशल सेल की SWAT यूनिट में तैनात की गईं। 2022 में काजल की मुलाकात अंकित से हुई। दोनों गनौर के रहने वाले थे। 2023 में दोनों ने शादी कर ली। काजल का एक सवा साल का बच्चा भी है और वो 4 महीने की गर्भवती भी थी।
दहेज
दहेज को लेकर परेशान करते थे काजल के ससुराल वाले- परिजन
काजल के परिजनों का कहना है कि शादी के 15 दिन बाद ही अंकुर के घर वाले गाड़ी ओर दहेज की मांग करने लगे और काजल को परेशान करना शुरू कर दिया। इसी वजह से 2024 में काजल दिल्ली रहने चली गई। परिजनों का कहना है कि अंकुर भी उससे गाड़ी और पैसों की मांग करते हुए मारपीट करता था। इसे लेकर कई बार विवाद और समझौते की स्थिति बनी।
फोन
हमले के वक्त फोन पर बात कर रहा था भाई, सुनी चीखें
काजल के भाई निखिल ने बताया कि घटना वाले दिन अंकुर ने उन्हें फोन किया था। अंकुर ने निखिल से कहा कि वह कॉल रिकॉर्ड करे। निखिल ने कहा, "कॉल के दौरान मुझे काजल की चीखें सुनाई देने लगीं। फिर फोन कट गया और 5 मिनट बाद अंकुर का दोबारा फोन आया। उसने कहा कि उसने काजल को मार डाला है।" निखिल भी दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं और संसद मार्ग थाने में तैनात हैं।
अस्पताल
5 दिनों तक अस्पताल में जूझती रही काजल
काजल को पहले मोहन गार्डन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और कान से खून निकल रहा था। हालत बिगड़ने पर 24 जनवरी को उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में ले जाया गया। 5 दिन तक चले संघर्ष के बाद आखिरकार काजल की मौत हो गई। पुलिस ने अंकुर के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।