संसद मार्च में 'ब्लूटूथ' से फैली अराजकता? दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच
दिल्ली पुलिस उस घटना की जांच कर रही है जिसमें सोमवार को 'संसद चलो' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ब्लूटूथ मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया था। उस दौरान हालात बिगड़ गए थे और संपत्ति का काफी नुकसान हुआ था। इन ऐप्स की खासियत यह है कि इनके जरिए लोग इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के बिना भी आपस में बात कर सकते हैं। यही वजह है कि पुलिस के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा संदेश किसने भेजा।
आतंकवाद विरोधी यूनिट CCTV और रिकॉर्ड्स की जांच कर रही
इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे, यह पता करने के लिए आतंकवाद विरोधी यूनिट फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है। साथ ही, वे डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी जांच कर रहे हैं। यूनिट CCTV फुटेज भी खंगाल रही है।
उन्हें शक है कि इस प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर लोग दिल्ली के बाहर से आए थे, और कुछ ऐसे लोग भी थे जो छात्र नहीं थे और उन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की।