दिल्ली जनगणना में QR कोड से होगी अधिकारियों की पुष्टि, फर्जीवाड़े पर कसेगी लगाम
दिल्ली में 2027 की जनगणना को अब और आसान और सुरक्षित बनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। 16 मई से यह प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसमें घर-घर आने वाले अधिकारियों के पास पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र होंगे। इन पर एक QR कोड भी मौजूद होगा। अब अगर जनगणना के लिए कोई आपके दरवाजे पर आता है, तो आप बस उसका क्यू आर कोड स्कैन करके तुरंत यह जांच पाएंगे कि वह व्यक्ति असली अधिकारी है या कोई फर्जी। इस तरह आपको कोई शक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फर्जी पहचान का डर और 93,000 लोगों ने खुद भरी जानकारी
यह कदम फर्जी पहचान और गलत संदेशों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उठाया गया है। दूसरी ओर, सेल्फ-एन्यूमरेशन (खुद से जानकारी भरने) की प्रक्रिया को भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 93,000 से ज्यादा लोग अपनी जानकारी भर चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के निवासी हैं। जब अधिकारी आपके घर आएंगे, तो वे पहले से भरी गई जानकारी की जांच करेंगे और जहां जरूरी होगा, वहां नई जानकारी भी दर्ज करेंगे। इस दो-तरफा सिस्टम का मकसद आपकी जानकारी को सुरक्षित रखना और यह पक्का करना है कि हर किसी की गिनती सही और सटीक तरीके से हो।