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सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वाहनों-निर्माण पर प्रतिबंध प्रदूषण रोकने के 'पुराने और विफल' तरीके
दिल्ली में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फिर नाराजगी जताई है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वाहनों-निर्माण पर प्रतिबंध प्रदूषण रोकने के 'पुराने और विफल' तरीके

लेखन आबिद खान
Nov 06, 2026
02:05 pm

क्या है खबर?

दिवाली और सर्दियां आते ही दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा फिर बहस का केंद्र बन गया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर सख्त टिप्पणी की है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध प्रदूषण रोकने का 'पुराना और विफल' तरीका है। उन्होंने कहा, "वाहनों पर प्रतिबंध, निर्माण पर प्रतिबंध और इस जैसी 'अग्निशामक व्यवस्थाएं' पुरानी और विफल हो चुकी हैं।"

उपहार

कोर्ट ने दिवाली पर गिफ्ट देने को भी बताया प्रदूषण का कारण

कोर्ट ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण के लिए दिवाली के दौरान उपहारों के आदान-प्रदान को भी वजह बताया।

प्रदूषण को रोकने के लिए 'सांस्कृतिक बदलाव' की जरूरत पर जोर देते हुए CJI ने कहा, "अमीरों ने दिवाली पर उपहारों के आदान-प्रदान को सामाजिक और प्रतिष्ठा का प्रतीक बना लिया है।"

CJI ने कहा कि मूल समस्या केवल दिल्ली की सड़कों पर वाहनों की संख्या नहीं है, बल्कि यहां देशभर से वाहन आते हैं, जिससे निगरानी मुश्किल हो जाती है।

तंज

कोर्ट का तंज- उम्मीद है मौसम का मजा ले रहे होंगे

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रदूषण को लेकर तंज भी कसा। CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने कहा कि उम्मीद है कि आप सभी दिल्ली के मौसम का आनंद ले रहे होंगे।

इस दौरान वरिष्ठ वकील अमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह ने कोर्ट को बताया कि प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी के आसपास बना हुआ है, हमारी आवाज भी बैठ रही है और यह रोज 30 सिगरेट पीने जैसा है।

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टिप्पणी

कोर्ट ने कहा- जितने आदेश देंगे, उल्लंघन उतने ही बढ़ेंगे

कोर्ट ने कहा कि पराली की खरीद का मूल्य पहले ही घोषित हो जाना चाहिए और इसके प्रबंधन का पूरा सिस्टम ग्राम पंचायतों को दे दिया जाना चाहिए।

CJI ने इस बात पर जोर दिया कि त्योहार मनाते समय पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का अहसास भी होना चाहिए।

कोर्ट ने कहा, "कोई भी पाबंदी काम नहीं आएगी। हम जितने ज्यादा आदेश जारी करेंगे, नियमों के उल्लंघन के मामले उतने ही बढ़ेंगे।"

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प्रदूषण

दिवाली से पहले 'गंभीर' स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

CPCB के मुताबिक, दिल्ली की हवा शुक्रवार को सुबह 6 बजे 39 निगरानी केंद्रों पर 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज की गई।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी में सबसे ज्यादा 475 AQI दर्ज किया गया। वहीं, IIT दिल्ली में यह 472 रहा।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, सुबह 10 बजे दिल्ली के एक स्टेशन पर प्रति घन मीटर हवा में PM2.5 की मात्रा 335 माइक्रोग्राम दर्ज की गई। यह CPCB द्वारा निर्धारित PM2.5 के 'गंभीर' स्तर के अंतर्गत आता है।

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