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#NewsBytesExplainer: भारत-मलेशिया में क्या-क्या समझौते हुए और कितना सफल रहा प्रधानमंत्री का दौरा?
प्रधानमंत्री मोदी का 2 दिवसीय मलेशिया दौरा संपन्न हो गया है

#NewsBytesExplainer: भारत-मलेशिया में क्या-क्या समझौते हुए और कितना सफल रहा प्रधानमंत्री का दौरा?

लेखन आबिद खान
Feb 08, 2026
04:44 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 दिवसीय मलेशिया यात्रा संपन्न हो गई है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी इस आधिकारिक दौरे पर थे। इस यात्रा ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत किया और राजनीति, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में साझा हितों को उजागर किया। दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

व्यापार

व्यापार को लेकर क्या हुआ?

दोनों देशों ने मलेशिया-भारत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (MICECA) और आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (AITIGA) के विकास पर ध्यान केंद्रित किया। दोनों पक्षों ने इन समझौतों की समीक्षा करने पर सहमति व्यक्त की ताकि इन्हें और अधिक कुशल और आधुनिक वैश्विक बाजार की गतिशीलता के अनुरूप बनाया जा सके। मलेशिया के प्रधानमंत्री ने बताया कि 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसका ज्यादातर लेनदेन स्थानीय मुद्रा में हो रहा है।

समझौते

दोनों देशों में हुए ये अहम समझौते

दोनों पक्षों ने 6 MoU पर हस्ताक्षर किए। इनमें ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, आपदा प्रबंधन सहयोग, भ्रष्टाचार से लड़ाई, संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा और सेमीकंडक्टर सहयोग शामिल है। इसके अलावा 4 महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिपोर्ट प्रस्तुत की गईं, जिनमें मलेशिया में भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा पर एक ज्ञापन, व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षा पर सहयोग, सुरक्षा सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान और स्वास्थ्य सेवा सहयोग पर विचारों का आदान-प्रदान शामिल है।

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क्षेत्र

सेमीकंडक्टर समेत इन क्षेत्रों में सहयोग पर बनी सहमति

दोनों देशों में फिनटेक, साइबर सुरक्षा, AI और डिजिटल बुनियादी ढांचे में संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए मलेशिया-भारत डिजिटल परिषद (MIDC) का भी शुभारंभ किया गया। इसके अलावा भारत और मलेशिया के बीच कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने आतंकवाद और सीमा पार अपराध का मुकाबला करने के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास और सूचना साझाकरण को बढ़ाने पर सहमति जताई।

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CEO फोरम

प्रधानमंत्री ने CEO फोरम में भी लिया हिस्सा

प्रधानमंत्री मोदी ने 10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम में भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पेट्रोनास के अध्यक्ष और ग्रुप CEO मोहम्मद तौफिक, बर्जया कॉर्पोरेशन बर्हाद के संस्थापक सेरी विंसेंट, खजानाह नेशनल बर्हाद के निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फाइसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेइन सेंग से मुलाकात की। उन्होंने मलेशिया में कारोबारियों को भारत में मौके तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया, खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर, AI और स्वास्थ्य क्षेत्रों में।

बड़े ऐलान

प्रधानमंत्री ने किए ये बड़े ऐलान

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI मलेशिया में लॉन्च किया जाएगा। भारत मलेशिया के साबाह राज्य के कोटा किनाबालू में एक नया वाणिज्य दूतावास खोलेगा। मलेशिया में रहने वाली भारतीय नागरिकों के लिए ओवरसीज कार्ड की मान्यता छठी पीढ़ी तक बढ़ाई जाएगी। भारत इंडियन स्कॉलरशिर ट्रस्ट फंड के जरिए मलेशिया में रह रहे भारतीय छात्रों को वित्तीय मदद देती रहेगी। मलेशिया में भारतीय श्रमिकों की सुरक्षा के लिए सामाजिक सुरक्षा एग्रीमेंट और मुफ्त ई-वीजा का ऐलान।

अहमियत

भारत के लिए कितना अहम है मलेशिया?

मलेशिया आसियान के भीतर भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत भी मलेशिया के शीर्ष 10 वैश्विक व्यापारिक भागीदारों में शामिल है। मलेशिया आसियान का अहम सदस्य है। वहीं, भारत की एक्ट ईस्ट नीति में भी आसियान हमेशा से केंद्रीय भूमिका में रहा है। मलेशिया में 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय है। 1957 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे।

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