एक्ट ईस्ट नीति, प्रवासी समुदाय और व्यापार; भारत के लिए कितना अहम है मलेशिया?
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय दौरे पर मलेशिया पहुंच गए हैं। कुआलालंपुर पहुंचने पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट पर लेने आए। दोनों नेता एक ही कार में बैठकर एयरपोर्ट से निकले। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया। बतौर प्रधानमंत्री, मोदी का ये तीसरा मलेशिया दौरा है। प्रवासी भारतीयों की संख्या और भारत की एक्ट ईस्ट नीति के लिहाज से मलेशिया अहम है। आइए आज दोनों देशों के संबंधों को समझते हैं।
शुरुआत
1957 में स्थापित हुए थे भारत-मलेशिया के राजनयिक संबंध
भारत और मलेशिया ने 1957 में औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान इस रिश्ते को उन्नत रणनीतिक साझेदारी में अपग्रेड किया गया। अगस्त, 2024 में मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाया गया। दोनों देशों के बीच नियमित रूप से उच्चस्तरीय दौरे होते रहते हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्री भी कई मंचों पर मिलते रहे हैं।
दौरे
लगातार मलेशिया के दौरे करते रहे हैं भारतीय नेता
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 20वें पूर्वी-एशिया शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए अक्टूबर 2025 में कुआलालंपुर का दौरा किया था। वे मार्च 2024 में भी मलेशिया गए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 2025 में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के लिए मलेशिया गए थे। जुलाई, 2023 में भी उन्होंने कुआलालंपुर का दौरा किया था। हालिया सालों में मलेशिया में भारत की रक्षा उपस्थिति बढ़ी है। 2023 में कुआलालंपुर में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का क्षेत्रीय कार्यालय खुला।
व्यापार
मलेशिया में भारतीय मूल के 29 लाख लोग
मलेशिया आसियान के भीतर भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। भारत भी मलेशिया के शीर्ष 10 वैश्विक व्यापारिक भागीदारों में शामिल है। मलेशिया ने दिसंबर, 2023 में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा शुरू की। भारत भी मलेशियाई नागरिकों को मुफ्त पर्यटक वीजा देता है। सांस्कृतिक और प्रवासी लोगों के बीच संबंध भारत-मलेशिया संबंधों के सबसे मजबूत पहलुओं में से है। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल की बड़ी आबादी रहती है।
एक्ट ईस्ट
एक्ट ईस्ट नीति के लिए मलेशिया कितना अहम?
भारत की एक्ट ईस्ट नीति दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई कूटनीतिक और रणनीतिक पहल है। प्रधानमंत्री मोदी समेत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मलेशिया को इस पहल का अहम हिस्सा बता चुके हैं। सरकार ने इस नीति के तहत भारत को आसियान देशों से जोड़ने वाले परिवहन, बुनियादी ढांचे और डिजिटल कनेक्टिविटी के विकास पर काम किया है।
आसियान
आसियान के लिहाज से भी अहम है दौरा
मलेशिया आसियान का अहम सदस्य है। वहीं, भारत की एक्ट ईस्ट नीति में भी आसियान हमेशा से केंद्रीय भूमिका में रहा है। फिलहाल भारत आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (AITIGA) को नवीनीकृत करने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि भारत का मानना है कि इससे उसका व्यापार घाटा बढ़ा है। इस वजह से प्रधानमंत्री मोदी का दौरा व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाने और देशों का समर्थन जुटाने के लिहाज से भी अहम है।