CJP ने केंद्र सरकार पर लगाया विश्वासघात का आरोप, दोबारा आंदोलन की धमकी दी
क्या है खबर?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ फिर से आंदोलन का संकेत दिया है। संगठन ने सरकार पर देश के युवाओं के साथ विश्वासघात करने और उनका विश्वास तोड़ने का आरोप लगाया है। एक बयान में CJP ने सरकार से उन सभी मांगों को पूरा करने की मांग की, जिनका वादा जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को खत्म करने के दौरान किया गया था।
बयान
CJP बोली- सरकार को युवाओं का अपमान नहीं करने देंगे
CJP ने कहा, "हम सरकार को एक शांतिपूर्ण आंदोलन को समाप्त करने का वादा करके और फिर सड़कों के खाली हो जाने के बाद उससे मुकरने की कोशिश करके पूरी पीढ़ी का अपमान करने की अनुमति नहीं देंगे। भारत के युवाओं से किया गया वादा अक्षरशः और भावना से, दोनों तरह से निभाया जाना चाहिए।"
पार्टी ने कहा है कि जिस समझौते के आधार पर आंदोलन वापस लिया गया था, सरकार उसे पूरा करने से पीछे हट रही है।
आंदोलन
सरकार युवाओं के भरोसे का सम्मान करे- CJP
संगठन ने कहा, "सरकार को युवाओं के भरोसे का सम्मान करना चाहिए। सड़कों पर चल रहे आंदोलन को समाप्त कराने के लिए किए गए वादों का मकसद केवल प्रदर्शन खत्म कराना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें वास्तविक रूप से लागू भी किया जाना चाहिए। अब किए गए वादों को कमजोर करने, उनमें देरी करने, उनकी पुनर्व्याख्या करने या उनका अनादर करने का कोई भी प्रयास विश्वास का अस्वीकार्य उल्लंघन और इस देश के युवाओं के साथ 'विश्वासघात' होगा।"
बैठक
CJP ने 24 अगस्त को बुलाई बैठक
CJP ने कहा कि वो आगे की रणनीति तय करने के लिए 24 अगस्त को बैठक करेगी।
CJP ने कहा, "हम देश भर के छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और CJP स्वयंसेवकों से अनुरोध करते हैं कि वे 24 अगस्त को आगे क्या होने वाला है, उसके लिए तैयार रहें।"
इस अपील के बाद एक बार फिर आंदोलन शुरू होने की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आरोप
CJP बोली- सरकार ने FIR की सूची कोर्ट को नहीं दी
CJP ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने के लिए कोर्ट द्वारा बार-बार अनुरोध किए जाने के बावजूद सरकार ने अभी तक सूची प्रदान नहीं की है।
CJP की लीगल टीम ने बताया कि 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार से 3 बार छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की की पूरी सूची मांगी थी, लेकिन सरकार ने नहीं दी।
FIR
अभिजीत दिपके पर महाराष्ट्र में FIR
वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके पर महाराष्ट्र के लातूर में FIR दर्ज की गई है। उन पर बिना अनुमति सरकारी स्कूल में प्रवेश करने, शैक्षणिक एवं सरकारी कामकाज में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने का आरोप है।
जिला परिषद उर्दू स्कूल की शिक्षिका सैयद शमशादबानो की शिकायत पर ये FIR हुई है।
दरअसल, दिपके लातूर के सरकारी स्कूलों का दौरा कर वहां की कमियों को सामने ला रहे हैं।