छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट खारिज की स्कूलों में सरस्वती वंदना को लेकर दायर याचिका, जानिए क्या कहा
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक याचिका खारिज कर दी है, जिसने स्कूलों में सरस्वती वंदना प्रार्थना के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका दायर करने वालों ने कहा था कि इस नियम से अल्पसंख्यक छात्रों पर उन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव पड़ सकता है, जिन्हें वे नहीं मानते। हालांकि, अदालत ने साफ किया कि इसमें शामिल होना पूरी तरह से स्वेच्छा पर निर्भर करता है, जिससे न तो किसी के अधिकारों का उल्लंघन होगा और न ही किसी की आस्था पर जबरदस्ती की जाएगी।
भागीदारी पूरी तरह स्वेच्छिक- हाई कोर्ट
न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर कोई छात्र इन प्रार्थनाओं में शामिल नहीं होना चाहता, तो उसे मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस फैसले का मकसद स्कूल में सांस्कृतिक परंपराओं और सभी के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना है। इस फैसले के बाद इस बात पर नई बहस शुरू हो गई है कि स्कूल समावेशी कैसे बने रह सकते हैं और साथ ही अपनी स्थानीय परंपराओं का सम्मान भी कर सकते हैं।