सरकार ने गैस की आपूर्ति पर लगे आपातकालीन प्रतिबंध हटाए
क्या है खबर?
सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर मार्च में लगाए गए आपातकालीन प्रतिबंधों को हटा लिया है। ईरान-अमेरिका में युद्धविराम समझौता होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने के बाद ये फैसला लिया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति में काफी सुधार हुआ है और ऊर्जा प्रवाह सामान्य स्तर पर लौट आया है। इसके बाद ये राहत दी गई है।
बयान
सरकार ने वापस लिया आदेश
मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा, "मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तरलीकृत प्राकृतिक गैस के शिपमेंट में बाधा उत्पन्न हुई थी, लेकिन अब इस संघर्ष के बाद युद्धविराम लागू हो गया है और बातचीत जारी है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी गई है।" इसे देखते हुए केंद्र ने प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) (संशोधन) आदेश, 2026 के तहत आपातकालीन आपूर्ति नियंत्रणों को वापस ले लिया।
अधिनियम
क्यों लगाए गए थे प्रतिबंध?
पश्चिम एशिया में युद्ध के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तेल और रसोई गैस की संभावित कमी को दूर करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 लागू कर दिया था। इस कानून के माध्यम से सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमत, उत्पादन, आपूर्ति, वितरण और व्यापार को विनियमित कर सकती है। दरअसल, भारत अपनी कुल गैस जरूरत का लगभग आधा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज से आता है।