भारत का पाकिस्तान पर 'जल प्रहार', चेनाब नदी पर सावलकोट परियोजना को दी मंजूरी
क्या है खबर?
सिंधु जल संधि रद्द करने के बाद भारत लगातार पाकिस्तान के पानी पर सख्ती करता जा रहा है। अब सरकार ने एक बड़े फैसले में जम्मू-कश्मीर में चेनाब नदी पर बनने वाली सावलकोट जलविद्युत परियोजना को मंजूरी दे दी है। नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) ने 5 फरवरी को इस परियोजना के लिए कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की हैं। सिंधु जल संधि रद्द होने के बाद ये केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई पहली नई परियोजना है।
दस्तावेज
9 साल में पूरी हो सकती है परियोजना
न्यूज18 के मुताबिक, दस्तावेजों में कहा गया है कि निर्माण पद्धति और उपकरणों का चयन इस उद्देश्य से किया गया है कि परियोजना जल्द पूरी हो सके। दस्तावेजों में कहा गया है, "परियोजना क्षेत्र में एक वर्ष में उपलब्ध कार्य अवधि सभी भूमिगत कार्यों के लिए 12 महीने और सतही कार्यों के लिए गैर-मानसून अवधि के दौरान पूर्ण प्रगति दर और मानसून अवधि के दौरान 50 प्रतिशत के साथ होगी।" परियोजना को पूरा होने में 9 साल लग सकते हैं।
परियोजना
क्या है सावलकोट जल विद्युत परियोजना?
सावलकोट परियोजना जम्मू-कश्मीर के रामबन, रियासी और उधमपुर जिलों में चेनाब नदी पर बननी वाली जलविद्युत परियोजना है। इसका निर्माण 2 चरणों में किया जाएगा, जो पूरी होने पर 1,856 मेगावाट बिजली पैदा करेगी। इस परियोजना की शुरुआत वर्ष 1984 में हुई थी। परियोजना में 192.5 मीटर ऊंचा बांध, एक अपस्ट्रीम छोटा जलमार्ग, एक भूमिगत बिजली घर और पानी को वापस लाने के लिए एक प्रणाली शामिल है। परियोजना की अनुमानित लागत 31,380 करोड़ रुपये है।
पेड़
परियोजना के लिए काटे जाएंगे 2.22 लाख पेड़
सावलकोट परियोजना में 847.17 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किए जाएगा। इसके लिए 2.22 लाख से अधिक पेडों को काटा जाएगा। इनमें से 1.26 लाख पेड़ रामबन जिले में हैं। परियोजना के तहत पहले चरण में 1,406 मेगावाट और दूसरे चरण में 450 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना से रामबन जिले के 13 गांव और करीब 1,500 परिवार प्रभावित होंगे। पिछले साल अक्टूबर में परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी दी गई थी।
अन्य परियोजनाएं
जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत परियोजनाओं में तेजी ला रहा भारत
सिंधु जल संधि रद्द होने के बाद भारत लगातार चेनाब और घाटी की दूसरी नदियों पर जलविद्युत परियोजनाओं में तेजी ला रहा है। सरकार ने पाकल दुल और किरू परियोजनाओं को इसी साल दिसंबर तक और क्वार परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। किश्तवार स्थित पाकल दुल जलविद्युत परियोजना चेनाब बेसिन की सबसे बड़ी परियोजना है। इस पर 167 मीटर ऊंचा बांध बनना है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2018 में किया था।