कोलकाता हाई कोर्ट ने दी कर्मचारियों को राहत, योग दिवस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर दी बड़ी छूट
पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस में शामिल होने की अब कोई मजबूरी नहीं है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार का ज्ञापन कोई आदेश नहीं, बल्कि सिर्फ एक दोस्ताना निमंत्रण था। ऐसे में जिन कर्मचारियों को योग पसंद नहीं है या जिनके पास कोई और काम है, वे बिना किसी चिंता के इस कार्यक्रम से दूर रह सकते हैं।
योग दिवस कार्यक्रम में न जाने पर नहीं मिलेगी सजा
राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट में बताया कि निजी कारणों से योग दिवस में शामिल न होने पर किसी भी कर्मचारी को कोई सजा या जुर्माना नहीं भुगतना पड़ेगा। जस्टिस अमृता सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि यह आयोजन पूरी तरह से स्वैच्छिक है और अब इस मामले में किसी और कानूनी बहस की जरूरत नहीं है। इस बीच, पूरे पश्चिम बंगाल में योग दिवस के कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं। कोलकाता के रेड रोड पर एक बड़ा कार्यक्रम भी रखा गया है, जहां प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचने की उम्मीद है।