ब्राजील के राष्ट्रपति 14 मंत्रियों के साथ भारत आए, कितना अहम है दौरा?
क्या है खबर?
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वे भारत आए हैं। उनके साथ 260 कंपनियों के मालिकों और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल और 14 मंत्री भी हैं। लूला की यह छठी भारत यात्रा है। इससे पहले वे सितंबर, 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली आए थे। आइए उनके दौरे की अहमियत समझते हैं।
दौरा
अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आए लूला
लूला अपने साथ किसी दक्षिण एशियाई देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं। उनके प्रतिनिधिमंडल में लगभग 14 मंत्री और शीर्ष ब्राजीलियाई कंपनियों के CEO भी हैं। ये CEO एक व्यापार मंच में भाग लेंगे, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार और वाणिज्यिक संबंधों को दर्शाता है। वे 21 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक करेंगे। इससे पहले 19 और 20 फरवरी को वे दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होंगे।
एजेंडा
क्या है दौरे का एजेंडा?
यात्रा का सबसे बड़ा एजेंडा व्यापार होगा। दोनों देशों के बीच 2025 में 1.37 लाख करोड़ रुपये का द्विपक्षीय व्यापार हुआ है। ये 2024 के मुकाबले 25 प्रतिशत ज्यादा है। द हिंदू से बात करते हुए ब्राजील के व्यापार और निवेश संवर्धन एजेंसी (एपेक्स ब्राजील) के प्रमुख जॉर्ज वियाना ने कहा, "पिछले साल तक भारत हमारा 10वां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था, लेकिन हाल के महीनों में यह 5वें स्थान पर आने के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा है।"
व्यापार समझौता
व्यापार समझौते पर भी चर्चा होने की उम्मीद
लूला की यात्रा के दौरान मर्कसुर-भारत मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा होने की संभावना है। मर्कसुर दक्षिण अमेरिकी व्यापारिक समूह है, जिसमें ब्राजील भी है। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, दोनों देश महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्र में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ एच दा नोब्रेगा ने द हिंदू को बताया कि लुला की भारत यात्रा के दौरान एम्ब्रेयर SA के भारतीय बाजार में प्रवेश की घोषणा की जा सकती है।
मुद्दे
इन मुद्दों पर भी हो सकते हैं समझौतें
दोनों देशों में स्वास्थ्य संबंधी समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। नोब्रेगा के मुताबिक, ब्राजील की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को बड़ी मात्रा में दवाओं की जरूरत होती है और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण भारत इनकी आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्राजील भारतीय पर्यटकों के लिए 10 साल की बहु-प्रवेश वीजा प्रणाली की घोषणा कर सकता है। बातचीत के दौरान कृषि भी एक प्रमुख मुद्दा रहेगा।
अहमियत
कितना अहम है दौरा?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मंचों पर सहयोग को गहरा करने में सहायक होगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ब्राजील अमेरिका और चीन पर अपनी निर्भरता कम करने और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ जुड़ाव को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। ब्राजील के राष्ट्रपति भवन ने यात्रा को लूला के सबसे बड़े विदेशी दौरों में से एक बताया।