
बेंगलुरू पहुंचा यूक्रेन में मारे गए भारतीय छात्र का शव, परिवार मेडिकल कॉलेज को करेगा दान
क्या है खबर?
यूक्रेन में रूसी हमलों में जान गंवाने वाले भारतीय छात्र नवीन शेखरप्पा जी का शव आज सुबह बेंगलुरू पहुंच गया।
इस दौरान नवीन के परिजनों के अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और कई वरिष्ठ अधिकारी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे।
नवीन के शव को लेकर लौटा विमान सुबह करीब 3 बजे बेंगलुरू हवाई अड्डे पर उतरा था। इसके बाद शव को हावेरी जिले में स्थित नवीन के पैतृक गांव चेलागिरी भेज दिया गया।
जानकारी
मुख्यमंत्री ने किया परिवार की आर्थिक मदद का ऐलान
शव पर पुष्प अर्पित करने के बाद बोम्मई ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैं नवीन के शव को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद देता हूं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है हमें हमले में उसे खोना पड़ा और उन्हें जिंदा वापस नहीं लाया जा सका।"
इस मौके पर उन्होंने नवीन के परिजनों को 25 लाख रुपये का चेक सौंपा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा भी किया।
यूक्रेन
1 मार्च को हुई थी नवीन की मौत
गौरतलब है कि 1 मार्च को यूक्रेन के खारकीव के गवर्नर हाउस पर हुए रूस के मिसाइल हमले में नवीन की मौत हो गई थी। वो यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे थे और MBBS के चौथे साल के छात्र थे।
उनके साथ ठहरे अन्य छात्रों ने बताया कि नवीन खाना लेने के लिए बंकर से निकलकर बाहर गए थे और इसी दौरान हमला हो गया।
उनके शव को पोलैंड के रास्ते भारत लाया गया है।
जानकारी
मेडिकल कॉलेज को दान किया जाएगा शव
नवीन के परिवार ने फैसला किया है कि वो शव को गांव से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित एक मेडिकल कॉलेज को दान करेंगे ताकि यह मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के काम आ सके।
बयान
मेडिकल साइंस में थी नवीन की रूचि- पिता
द प्रिंट से बात करते हुए नवीन के पिता शेखर गौड़ा ने कहा था, "हमें राहत मिली है कि हमारा बेटा वापस अपनी धरती पर आ रहा है। अंतिम संस्कार की रिवाज निभाने के बाद हम शव को एसएस मेडिकल कॉलेज में देने का सोच रहे हैं। नवीन को मेडिकल साइंस में बहुत रूचि थी और वह डॉक्टर बनना चाहता था। इसलिए अगर हम उसका शव दान करेंगे तो यह दूसरे मेडिकल छात्रों के काम आ जाएगा।"
बयान
नवीन के पिता ने किया प्रधानमंत्री का धन्यवाद
नवीन के पिता ने आगे कहा, "नवीन की मौत की खबर सुनने के बाद से हम सब बहुत दुखी हैं, लेकिन मैं उसके शव को वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री, विदेश मंत्री और सभी नेताओं का धन्यवाद करता हूं। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं पूरे देश ने उसके शव को वापस लाने में मदद की है। अब उसे शांति मिलेगी।"
बता दें कि सरकार कई दिनों से शव वापस लाने के प्रयास में लगी थी।