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डिजिटल अरेस्ट होने पर बैंक को लौटाना पड़ेगा पैसा? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर गंभीर चिंता जताई है

डिजिटल अरेस्ट होने पर बैंक को लौटाना पड़ेगा पैसा? सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

लेखन आबिद खान
Oct 29, 2026
06:12 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर धोखाधड़ी पर गहरी चिंता जताई है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की पीठ ने कहा कि जागरूकता अभियान चलाए जाने और लगातार खबरें सामने आने के बावजूद लोग इसका शिकार हो रहे हैं। कोर्ट ने ये भी कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी के पीड़ितों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए बैंकों को जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

टिप्पणी

कोर्ट ने कहा- अगर बैंक दायित्वों में विफल तो मुआवजा मिले

कोर्ट ने कहा, "वित्तीय संस्थान की उचित जांच-पड़ताल में विफलता के कारण धोखाधड़ी होने की स्थिति में पीड़ितों को कम-से-कम गंवाई गई रकम के बराबर मुआवजा मिलना चाहिए। पीड़ितों की रक्षा करना बैंकरों के रूप में आपका कर्तव्य है। सक्षम प्राधिकारी क्या कर रहा है?"

पीठ ने जोर दिया कि उन मामलों में पीड़ितों को उचित मुआवजा देने का प्रावधान होना चाहिए, जहां वित्तीय संस्थान अपने जांच-पड़ताल संबंधी दायित्वों को पूरा करने में विफल पाए जाते हैं।

आदेश

KYC से जुड़े RBI के नियमों की समीक्षा करेगा कोर्ट

कोर्ट ने कहा कि वह RBI के KYC संशोधन निर्देशों की समीक्षा करेगा, जिन्हें 31 दिसंबर तक लागू किया जाना है।

कोर्ट ने कहा कि यह बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों के साथ हो रही धोखाधड़ी और उनके खातों में होने वाले संदिग्ध लेन-देन के बारे में पुलिस को सूचना दें।

कोर्ट ने RBI से उन बैंकों की सूची मांगी है, जिन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

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जमानत

दोषियों को जमानत मिलना हो सकता है मुश्किल

कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। CJI ने ट्रायल से पहले अपराधियों को सजा देने की बात भी कही है।

लाइव लॉ के मुताबिक, CJI ने कहा, "अगर कानून में गुंजाइश हो, तो आरोपियों को मुकदमे की सुनवाई पूरी होने से पहले भी सजा देने के प्रावधान पर विचार किया जाना चाहिए। ऐसे आरोपियों को जमानत पर रिहा होने से रोकने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।"

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सरकार

सरकार बोली- RBI के क्षेत्राधिकार में आता है मामला

केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि बैंकों की जिम्मेदारी तय करने और इस संबंध में जरूरी नियम बनाने का मामला RBI के दायरे में आता है।

इसके बाद कोर्ट ने RBI से अगली सुनवाई पर सभी अधिकृत वित्तीय संस्थानों की सूची पेश करने और साइबर ठगी के पीड़ितों को मुआवजा देने की व्यवस्था पर विचार करने को कहा।

कोर्ट ने 'म्यूल अकाउंट्स' की समस्या पर भी ध्यान देने को कहा।

प्लस

न्यूजबाइट्स प्लस

डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का एक तरीका है। इसमें ठग खुद को पुलिस, CBI, कोर्ट या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं।

वो पीड़ितों पर किसी अपराध में शामिल होने या खाते में कथित संदिग्ध लेनदेन का झूठा आरोप लगाकर आरोपी को वीडियो कॉल पर गिरफ्तार कर लेते हैं।

फिर पीड़ित को रिहा करने के लिए उससे बैंक खाते में पैसे डलवाए जाते हैं।

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