इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश, बिना बॉन्ड जेल में रखने पर सरकार को रोजाना देना होगा 25,000 रुपये मुआवजा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अब अगर किसी को 24 घंटे से ज्यादा जेल में रखा जाता है और उसे पर्सनल बॉन्ड पर रिहा नहीं किया जाता, तो राज्य सरकार को हर एक अतिरिक्त दिन के लिए 25,000 रुपये मुआवजे के तौर पर देने होंगे। कोर्ट ने पर्सनल बॉन्ड की ज्यादा से ज्यादा सीमा 20,000 रुपये तय कर दी है और अधिकारियों को तय सीमा से ज्यादा पैसे मांगने पर सख्त चेतावनी भी दी है। अगर पुलिस इन नियमों को तोड़ती है, तो यह पैसा जिम्मेदार मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी के वेतन से वसूला जा सकेगा।
एडवोकेट चंदर पाल सिंह को मुआवजे के रूप में मिले 75,000 रुपये
हाई कोर्ट का यह फैसला एडवोकेट चंदर पाल सिंह के मामले के बाद आया है। उन्हें गाजियाबाद में एक छोटे से मामले में जेल में डाल दिया गया था। चंदर पाल सिंह ने 50,000 रुपये का बड़ा बॉन्ड भरा था, लेकिन फिर भी उन्हें करीब 2 दिन जेल में बिताने पड़े थे। अदालत ने उनकी इस हिरासत को गैरकानूनी बताया। कोर्ट ने आदेश दिया कि उन्हें 75,000 रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं। यह रकम जांच पूरी होने के बाद इसमें शामिल अधिकारियों के वेतन से काटी जाएगी।