जबरन धर्मांतरण मामले में आया बड़ा मोड़, कोर्ट आरोपी छात्र को दी अग्रिम जमानत
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक ऐसे छात्र को अग्रिम जमानत दे दी है, जिस पर अपनी नाबालिग क्लासमेट को बुर्का पहनने और धर्म बदलने के लिए मजबूर करने का आरोप लगा था। न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित लड़की के बयान के अलावा कोई और पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है। अदालत ने यह भी गौर किया कि छात्र का पिछला रिकॉर्ड बेदाग रहा है और वह राज्य के एंटी-कन्वर्जन कानून के तहत चल रही जांच में पूरा सहयोग करने को तैयार है।
जमानत के साथ जुड़ी सख्त शर्तें
मामले की FIR 22 जनवरी, 2026 को दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह घटना 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। सरकारी वकील ने पीड़ित के बयान को अपना मुख्य आधार बनाया, वहीं बचाव पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से बेबुनियाद बताया। हालांकि, अदालत ने जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी रखी हैं। इनमें गवाहों को किसी भी तरह से प्रभावित न करना और मुकदमे की सुनवाई (ट्रायल) के दौरान पूरा सहयोग करना शामिल है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां केवल जमानत के आवेदन पर विचार करते समय की गई हैं और आगे मुकदमे में दोषी या निर्दोष ठहराने पर इनका कोई असर नहीं पड़ेगा।