
कैसा होगा नया संसद भवन और इसमें क्या सुविधाएं होंगी? जानिए सभी जरुरी बातें
क्या है खबर?
देश लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नया संसद भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 10 दिसंबर को नए संसद भवन की आधारशिला रखेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है।
नया संसद भवन मौजूदा भवन से बड़ा होगा। इसके भूकंपरोधी होने के साथ इसमें बड़े लोकसभा और राज्यसभा कक्ष, भव्य संविधान हॉल और पेपरलेस कार्यालय आदि बनाए जाएंगे।
निर्माण
कब तक बनकर तैयार होगा नया संसद भवन?
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने बताया कि नया संसद भवन के साल 2022 तक तैयार होने की उम्मीद है। 2022 में देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर इसके तैयार होने के कारण उसके बाद नए भवन में संसदीय सत्र शुरू हो जाएगा।
बिड़ला ने कहा कि भवन के निर्माण कार्य में 2,000 लोग प्रत्यक्ष रूप से और करीब 9,000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। यह स्वदेशी तकनीक से बनाया जाएगा। ऐसे में यह "आत्मानिर्भर भारत" का अनूठा उदाहरण होगा।
लागत
नए संसद भवन के निर्माण पर कितनी लागत आएगी?
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने बताया कि नए संसद भवन के निर्माण का ठेका इसी साल सितंबर में केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को 861.90 करोड़ रुपये में दिया गया है।
उन्होंने बताया कि भवन के पूरी तरह से तैयार होने में अनुमानित लागत 971 करोड़ रुपये की आएगी। नए भवन का डिजाइन डिजाइन HPC डिजाइन, योजना और प्रबंधन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया है। इसे बेहतरीन डिजाइन माना जा रहा है।
जगह
पुराने भवन के पास ही तैयार किया जाएगा नया भवन- बिड़ला
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने बताया कि नए संसद भवन का निर्माण पुराने संसद भवन के करीब ही 64,500 वर्ग मीटर भूमि में किया जाएगा। नए भवन में एक बेसमेंट (तलघर), भूतल, पहली और दूसरी मंजिल होगी।
नए भवन की ऊंचाई को पुराने भवन की ऊंचाई बराबर ही रखा जाएगा। इससे दोनों भवनों में समरूपता नजर आएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नए भवन का बाहरी परिदृश्य पुराने भवन के जैसा ही तैयार किया जाएगा।
क्षमता
नए भवन में होगी 1,000 से अधिक सांसदों के बैठने की क्षमता
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि नए संसद भवन में 1,224 सांसदों के बैठने की क्षमता होगी। इसमें लोकसभा में 888 और राज्यसभा हॉल में 384 सांसद एकसाथ बैठ सकेंगे।
उन्होंने बताया कि नए भवन में बैठक क्षमता बढ़ाने का निर्णय भविष्य में सांसदों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए लिया गया है।
बता दें वर्तमान में लोकसभा के लिए 543 और राज्यसभा के लिए 245 सांसदों की स्वीकृत संख्या है। ऐसे में नए भवन को अपग्रेड किया गया है।
अन्य सुविधाएं
नए भवन में सभी सांसदों के लिए होंगे अलग और पेपर रहित कार्यालय- बिड़ला
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने बताया कि नए संसद भवन में सभी सांसदों के लिए अलग-अलग कार्यालय बनाए जाएंगे। सभी कार्यालय नवीनतम डिजिटल इंटरफेस से लैस होंगे। इसके चलते सांसदों को पेपर रहित कार्यालय में काम करने का मौका मिलेगा।
नए भवन में सांसदों के लिए एक लाउंज, एक पुस्तकालय, कई समिति कक्ष, कैंटीन क्षेत्र और पर्याप्त पार्किंग स्थान के साथ-साथ भारत की लोकतांत्रिक विरासत का प्रदर्शन करने के लिए एक भव्य संविधान हॉल भी बनाए जाएगा।
पुराना भवन
मौजूदा संसद भवन का क्या होगा?
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला ने कहा मौजूदा संसद भवन को पुरातात्विक संपत्ति के रूप में संरक्षित किया जाएगा।
बता दें कि मौजूदा संसद भवन की आधारशिला 12 फरवरी, 1921 को रखी गई थी और इसका उद्घाटन समारोह 18 जनवरी, 1927 को किया गया था। उस दौरान संसद भवन को तैयार करने में 83 लाख की लागत आई थी।
इस भवन का डिजाइन नई दिल्ली की योजना और निमार्ण के लिए जिम्मेदार एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर द्वारा तैयार किया गया था।