
भारतीय बच्ची अरिहा को वापस भेजने के लिए 59 सांसदों ने जर्मन राजदूत को लिखा पत्र
क्या है खबर?
भारत की 19 राजनीतिक पार्टियों के 59 सांसदों ने जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन को पत्र लिखकर भारतीय बच्ची अरिहा शाह की वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।
सांसदों ने कहा कि अरिहा को उसके अपने देश और लोगों के बीच वापस भारत वापस लाना आवश्यक है और इसमें की गई किसी भी प्रकार की देरी से बच्ची के स्वास्थ्य को नुकसान होगा।
गौरतलब है कि अरिहा सितंबर, 2021 से बर्लिन में जर्मन फॉस्टर केयर में रह रही है।
मामला
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से गुजरात की रहने वाली अरिहा के माता-पिता पिछले 21 महीनों से अपनी बच्ची की कस्टडी के लिए लड़ रहे हैं।
दरअसल, जर्मनी के अधिकारियों ने सितंबर, 2021 में बच्ची को अपनी कस्टडी में लेकर फॉस्टर केयर में रख दिया था। उस समय अरिहा की आयु सिर्फ 7 महीने की थी।
अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि अरिहा के माता-पिता ने उसका उत्पीड़न किया है, जिसके कारण उसे कथित तौर पर चोट भी लगी थी।
पत्र
किन सांसदों ने लिखा पत्र?
जर्मन राजदूत को पत्र लिखने वाले सांसदों में भाजपा की हेमा मालिनी और मेनका गांधी, कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और शशि थरूर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की सुप्रिया सुले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की महुआ मोइत्रा, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल शामिल हैं।
वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
पत्र
सांसदों ने पत्र में क्या मांग की?
सांसदों ने अपने पत्र में लिखा, "पुलिस ने पिछले साल फरवरी में बच्ची के माता-पिता के खिलाफ सभी मामले बंद कर दिए थे। इसके बावजूद बच्ची को उसके माता-पिता को अब तक नहीं लौटाया गया है।"
उन्होंने लिखा, "हम आपके देश में कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन बच्ची के परिवार के किसी भी सदस्य के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है तो बच्चे को वापस घर भेजने का समय आ गया है।"
बयान
विदेश मंत्रालय ने भी जर्मन अधिकारियों की है अपील
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने भी जर्मन अधिकारियों से अरिहा को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए हरसंभव प्रयास करने की अपील की है।
उन्होंने कहा, "बच्ची को उसके माता-पिता से अचानक एक विशेषज्ञ के पास स्थानांतरित कर दिया गया था। हम यह दोहराना चाहेंगे कि अरिहा शाह एक भारतीय नागरिक है और उनकी राष्ट्रीयता और सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि उसकी देखभाल किए जाने के तरीके का सबसे महत्वपूर्ण निर्धारक है।"
कोशिश
भारत पहले भी कर चुका है बच्ची को वापस लाने की कोशिश
दिसंबर, 2022 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मामले में जर्मन विदेश मंत्री अन्नालेना बेयरबॉक से बात की थी।
उन्होंने कहा था, "हमारी चिंता है कि बच्ची को अपने भाषाई, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक माहौल में रहना चाहिए। यह उसका अधिकार है और हमारा दूतावास जर्मन प्रशासन के साथ इस पर काम कर रहा है।"
इस साल फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज से मुलाकात की थी। तब भी अरिहा के मुद्दे पर बातचीत हुई थी।