दिसंबर में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी 4 फीसदी गिरी, जानिए क्या रही वजह
क्या है खबर?
विमान परिचालन में गड़बड़ी और दैनिक उड़ानों की संख्या में भारी कटौती के कारण दिसंबर, 2025 में इंडिगो की भारतीय बाजार हिस्सेदारी में लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे प्रतिद्वंद्वी एयर इंडिया को बढ़त मिली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के अनुसार, देश की सबसे बड़ी एयरलाइन की बाजार हिस्सेदारी नवंबर की 63.6 से गिरकर दिसंबर में 59.6 फीसदी हो गई। यह पिछले 2 सालों में कंपनी की सबसे कम मासिक बाजार हिस्सेदारी रही है।
फायदा
दूसरी कंपनियों को हुआ फायदा
इंडिगो की उथल-पुथल का फायदा उठाते हुए टाटा समूह की एयर इंडिया ने पिछले साल दिसंबर के दौरान हिस्सेदारी को 3 प्रतिशत बढ़कर 26.7 से 29.6 फीसदी कर लिया। इसके अलावा अकासा एयर और स्पाइसजेट की हिस्सेदारी में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़त इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों के बुकिंग बदलने के कारण मिली। विमानन उद्योग को भी पीक सीजन में घरेलू यातायात में पिछले वर्ष की तुलना में 4.1 फीसदी की गिरावट झेलनी पड़ी।
वजह
इस कारण हुई थी उड़ानें रद्द
इंटरग्लोब एविएशन के स्वामित्व वाली इंडिगो को दिसंबर के पहले सप्ताह में परिचालन संबंधी भारी गड़बड़ी का सामना करना पड़ा, जिसके चलते 4,500 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं और यात्री हवाई अड्डों पर फंस रहे। उड़ानें रद्द होने का मुख्य कारण पायलटों के आराम और रात के समय उड़ान भरने के सख्त नियम थे, जिसके चलते एयरलाइन को निर्धारित घरेलू उड़ानों में लगभग 10 फीसदी की कटौती भी करनी पड़ी। इसकी का असर उसकी बाजार हिस्सेदारी पर पड़ा है।