सिर्फ 13 दिन का कोयला, रिकॉर्ड मांग से भारत पर मंडराया बिजली संकट
भारत के थर्मल पावर प्लांट एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। एक तरफ कोयले की आपूर्ति तेजी से घट रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली की मांग रिकार्ड स्तर के करीब पहुंच रही है। 20 जुलाई तक, इन प्लांटों के पास सिर्फ करीब 13 दिन का कोयला बचा है, जो मई के मुकाबले काफी कम है। मानसून के चलते कोयले का उत्पादन और उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना, दोनों काम मुश्किल हो गए हैं। ऐसे में बिजली की आपूर्ति बनाए रखना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
20 प्रतिशत थर्मल यूनिट बंद
पिछले हफ्ते बिजली की मांग 270 गीगावाट के रिकार्ड स्तर के करीब पहुंच गई, जिससे इसकी कमी और भी गंभीर हो गई है। पंजाब, हरियाणा और गोवा जैसे राज्यों में यह दिक्कतें ज्यादा महसूस हो रही है। इसके ऊपर से, कमजोर मानसून ने हाइड्रो और विंड पावर के उत्पादन को भी घटा दिया है। साथ ही, तकनीकी गड़बड़ियों के कारण देश की लगभग 20 प्रतिशत थर्मल क्षमता ठप पड़ी है।
हालांकि, एक अच्छी खबर यह भी है कि भारत के कुछ इलाकों में जल्द ही अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इससे हाइड्रो पावर का उत्पादन बढ़ सकता है और मौजूदा संकट में थोड़ी राहत मिल सकती है।