भुवन बाम के नाम पर चल रहे फर्जी विज्ञापनों पर हाई कोर्ट सख्त कंपनियों को मिला 36 घंटे का अल्टीमेटम
दिल्ली हाई कोर्ट ने भुवन बाम के चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल करने वाले डीपफेक वीडियो और सट्टेबाजी से जुड़े विज्ञापनों को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह सख्त कदम टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे उन फर्जी प्रचारों के खिलाफ उठाया है, जिनके जरिए लोगों के साथ ठगी की जा रही थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकना और कलाकार के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करना है।
बड़ी कंपनियों को 36 घंटे की मियाद
गूगल, मेटा, फ्लिपकार्ट और स्पॉटिफाई जैसी बड़ी कंपनियों को सिर्फ 36 घंटे का वक्त दिया गया है। उन्हें इन चिह्नित लिंक्स को हटाकर इसकी पुष्टि भी करनी होगी। हालांकि, बाद में पैरोडी या उचित उपयोग जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा, लेकिन अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता इस तरह के गलत इस्तेमाल को रोकना है। इसी बीच भुवन बाम अपने नए प्रोजेक्ट्स 'कुकु की कुंडली' और 'द रिवोल्यूशनरीज' पर अपना ध्यान लगाए हुए हैं। वो डिजिटल जवाबदेही को लेकर हमेशा अपनी बात रखते रहे हैं, ऐसे में यह कदम उनके और उनके प्रशंसकों के लिए काफी राहत देने वाला है।