शाहिद कपूर का आलोचकों को करारा जवाब, बोले- अपनी चमड़ी मोटी है; कोई फर्क नहीं पड़ता
क्या है खबर?
शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' के ट्रेलर ने रिलीज होते ही तहलका मचा दिया है। इसमें उन्हें डरावने गैंगस्टर के रोल में देख अच्छे-अच्छों के पसीने छूट रहे हैं। शाहिद आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने न केवल कड़ी मेहनत की, बल्कि उन तीखे तानों को भी सहा है, जिन्होंने कई बार उनके करियर को 'खत्म' घषित कर दिया था। हाल ही में शाहिद ने अपने आलोचकों और 'ओ रोमियो' पर खुलकर बात की।
प्रतिक्रिया
करियर खत्म होने की भविष्यवाणी करने वालों को शाहिद का जवाब
शाहिद बोले, "कई बार लोगों ने कहा कि मैं खत्म हो गया हूं। दर्द होता है, पर मेरी चमड़ी मोटी है। गिरना बड़ी बात नहीं, आप कितनी जल्दी उठते हो, वो मायने रखता है। अगर खुद को बेचारा (पीड़ित) मान लोगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे। गिरो, सीखो और खड़े हो जाओ। वो मत करो, जो चल रहा है। वो करो, जो आप करना चाहते हो। अगर सिर्फ नतीजे देखकर फैसले लोगे तो काम का मजा खत्म हो जाएगा।"
रजामंदी
शाहिद ने ओ रोमियो के लिए क्यों की हां?
अमर उजाला से शाहिद बोले, "मुझे डर था कि 'ओ रोमियो' इतनी प्रयोगात्मक न हो जाए कि आम लोगों के सिर के ऊपर से निकल जाए। हालांकि, स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद अहसास हुआ कि इसमें प्रयोग से परे रोमांस है, रोंगटे खड़े कर देने वाला एक्शन है और ऐसा राेमांच है, जो आपको कुर्सी से बांधे रखेगा। सब कुछ इतना सटीक लगा कि मैंने तुरंत तय कर लिया कि मैं इस फिल्म को किसी भी कीमत पर छोड़ नहीं सकता।"
दो टूक
पीआर स्टंट और नकारात्मक प्रचार पर शाहिद का प्रहार
पीआर स्टंट और नकारात्मकता फैलाने वालों पर शाहिद बोले कि वो इन फालतू की हरकतों से कोसों दूर रहते हैं। उनके मुताबिक, क्रिएटिव लोग बच्चों की तरह नाजुक होते हैं और ऐसे 'गंदे गेम' उनकी रचनात्मकता को खत्म कर देते हैं। मैं बरसों से देख रहा हूं कि बॉलीवुड में क्या-क्या चलता है, लेकिन मैं किसी के गेम से प्रभावित नहीं होता। लोग जो करना चाहते हैं, उन्हें करने दें। लंबी रेस का घोड़ा बनना है तो अपने नियम बनाओ।"
लगाव
'जर्सी' का दर्द आज भी जिंदा
शाहिद ने ये भी माना कि उनके करियर में फिल्म 'जर्सी' उनके दिल के सबसे करीब है, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका न चलना उनके लिए बड़ा झटका रहा। उन्होंने बताया कि रिलीज से 2 दिन पहले कोविड के कारण फिल्म रोकनी पड़ी, जिससे वो कभी उबर नहीं पाई। दोबारा प्रमोशन और री-ब्रांडिंग भी दर्शकों को थिएटर तक नहीं ला सकी, बावजूद इसके शाहिद का कहना है कि बॉक्स ऑफिस नंबर चाहे जो हों, 'जर्सी' उनके लिए हमेशा खास रहेगी।