हर्मिटेज म्यूजियम में भारतीय कला की धूम, रूस में पहली बार रच रहा इतिहास
पहली बार रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित स्टेट हर्मिटेज म्यूजियम में भारतीय समकालीन कला प्रदर्शन की जा रही है।
'सेडिमेंट्स ऑफ बिकमिंग' नाम की यह प्रदर्शनी 4 जून को शुरू हुई और 4 अक्टूबर, 2026 तक चलेगी।
इसे दिल्ली की 'थ्रेशोल्ड गैलरी' की संस्थापक टंटी चौहान और स्टेट हर्मिटेज म्यूजियम के समकालीन कला विभाग की प्रमुख मरीना शुल्ज ने मिलकर इसे किया है।
वैश्विक मंच पर भारतीय कलाकारों के लिए यह एक बड़ा मील का पत्थर है।
इस प्रदर्शनी में क्या होगा खास?
इस प्रदर्शनी में अनंदिता भट्टाचार्य और वी रमेश जैसे भारतीय कलाकारों की कलाकृतियां भी शामिल हैं, जिन्हें पुरानी रूसी आइकनों और कलाकृतियों के साथ दिखाया गया है।
इसमें इतिहास, यादें और यहां तक कि कयामत जैसे विषय देखने को मिलेंगे। अनंदिता की कलाकृति में रूसी आइकनों के फ्रेम को मुगल लघुचित्रों के साथ मिलाकर पारिस्थितिक क्षरण पर बात की गई है।
यह कलाकृति 18वीं सदी के सेंट माइकल के एक रूसी आइकन के ठीक सामने है, जिसमें उन्हें कयामत के घोड़े पर सवार दिखाया गया है।
वहीं, रमेश की कलाकृति सांप-सीढ़ी के एक अनोखे गेम के जरिए कर्म और परलोक के विचारों को उजागर करती है। इसे एक रूसी 'लुबॉक' प्रिंट के साथ प्रदर्शित किया गया है।