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रवि किशन बोले- मैंने पैदल मापी मुंबई, तब वडा पाव में भी ताज होटल दिखता था
रवि किशन ने सुनाई अपने संघर्ष की दास्तां

रवि किशन बोले- मैंने पैदल मापी मुंबई, तब वडा पाव में भी ताज होटल दिखता था

Jan 25, 2026
05:51 pm

क्या है खबर?

आज भले ही रवि किशन भोजपुरी सिनेमा के 'महानगर' और करोड़ों दिलों की धड़कन हों, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता कांटों भरा था। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी रवि ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि कैसे मुंबई की चकाचौंध के बीच उन्होंने कंगाली में दिन काटे और रिजेक्शन को अपनी ताकत बनाया। हालांकि, अपने संघर्ष के दिनों में वो कभी रोए नहीं। क्या कुछ बोले रवि किशन, आइए जानते हैं।

दौर

जब जेब खाली थी, हौसले पहाड़ जैसे थे

ANI से 'लापता लेडीज' के स्टार रवि ने उन दिनों को याद किया, जब उनके पास कुछ नहीं था, लेकिन उम्मीदें पहाड़ जैसी थीं। उन्होंने बेहद सादगी से कहा, "बिना संघर्ष के कुछ मिल जाए तो बात क्या है? उन दिनों जब मैं सड़क पर खड़ा होकर वड़ा पाव खाता था तो मुझे ऐसा अहसास होता था जैसे मैं 5-स्टार होटल ताज में खाना खा रहा हूं।" रवि ने साझा किया कि कैसे उन्होंने पूरी मुंबई को पैदल नापा।

नजरिया

सकारात्मक सोच ने अभिनेता को टूटने नहीं दिया

रवि ने बताया उनके साथ के कई दोस्त बड़े सुपरस्टार बन चुके थे, जबकि वो रिजेक्शन और आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और हर स्थिति में सकारात्मकता के साथ मुस्कुराते रहे। अभिनेता के अनुसार, उनकी यही सकारात्मक सोच थी, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया और आज इस मुकाम तक पहुंचाया। आज जब रवि पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें अपने संघर्ष के दिनों में भी एक अलग ही सुंदरता नजर आती है।

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संघर्ष

संघर्ष, सपने और मुंबई की सड़कों की कहानी

अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए रवि कहते हैं, "मैंने मुंबई की सड़कों को पैदल ही नापा है। मैंने घनघोर संघर्ष देखा है, लेकिन मैं हमेशा मुस्कुराता रहा। मुझे पूरा यकीन था कि एक दिन मेरा भी आएगा। बस इसी चीज ने मुझे हारने नहीं दिया। जब मेरे पास काम नहीं था, तब भी उन्होंने अपनी मुस्कान को ढाल बनाया और इसी आत्मविश्वास के दम पर आज वो उस मुकाम पर हैं, जहां पूरी दुनिया उन्हें जानती है।"

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आगामी फिल्म

'भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन' में नजर आएंगे रवि

बातचीत के अंत में रवि बोलते हैं, "मेरे पास कोई रोने वाली कहानी नहीं है। फिल्मों से रिजेक्शन मिलना, काम न होना, घंटों इंतजार करना और जेब में पैसे न होना, इन सबके बावजूद मेरे चेहरे पर हर दिन मुस्कान रहती थी। मुझे लगता है कि मेरे जैसे संघर्ष करने वाले सभी लोग ऐसे ही होते हैं।" रवि अब फिल्म 'भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन' में नजर आएंगे, जो 6 फरवरी को रिलीज हो रही है।

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