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रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का निधन, लंबी बीमारी के बाद थमीं सांसें
रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का निधन

रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का निधन, लंबी बीमारी के बाद थमीं सांसें

Feb 13, 2026
08:42 pm

क्या है खबर?

दिग्गज फिल्म और टीवी निर्माता रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वो पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। 'अलिफ लैला' और 'आंखें' जैसे मशहूर धरावाहिकों से पहचान बनाने वाले आनंद सागर ने अपने आवास में अंतिम सांस ली। मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके परिवारवाले और करीबी लोग मौजूद रहे।

दुखद

पिछले 10-12 सालों से बीमार चल रहे थे आनंद

मिली जानकारी के मुताबिक, आनंद सागर पिछले 10-12 वर्षों से गंभीर रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। वो पार्किंसंस जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे, जिसके चलते उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। लंबी बीमारी और शारीरिक कष्टों के बावजूद उन्होंने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन 13 फरवरी, 2026 को 84 वर्ष की आयु में उन्होंने दम तोड़ दिया। आनंद का अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस हिंदू श्मशान भूमि में विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।

लोकप्रियता

पिता की विरासत और रचनात्मक योगदान

आनंद सागर चोपड़ा ने अपने पिता, महान फिल्मकार रामानंद सागर की गौरवशाली विरासत को न केवल संभाला, बल्कि उसे आगे बढ़ाने में भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने रामानंद सागर द्वारा स्थापित ऐतिहासिक और पौराणिक धारावाहिकों की समृद्ध परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास किया। प्रोडक्शन और रचनात्मक क्षेत्र में अपनी गहरी समझ और तकनीकी कौशल के कारण वो फिल्म इंडस्ट्री में एक बेहद सम्मानित नाम थे।

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शोक

सागर परिवार में शोक की लहर, 1 साल में 2 बड़े सहारे चले गए

दिग्गज फिल्मकार और 'रामायण' के रचयिता रामानंद सागर और उनकी पत्नी लीलावती सागर के कुल 5 बच्चे थे। सागर परिवार पिछले कुछ समय से कठिन दौर से गुजर रहा है। पिछले साल अगस्त में आनंद के भाई प्रेम सागर ने दुनिया को अलविदा कहा था। 1 साल के भीतर दो स्तंभों के चले जाने से परिवार और इंडस्ट्री में शोक व्याप्त है। आनंद सागर के जाने के बाद अब परिवार में उनके भाई मोती सागर और बहन सरिता सागर हैं

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अमर स्तंभ

अध्यात्म को मनोरंजन से जोड़ने वाले रामानंद सागर की अनोखी विरासत

रामानंद सागर भारतीय सिनेमा और टेलीविजन इतिहास के वो स्तंभ हैं, जिन्होंने मनोरंजन को अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोड़कर हर घर तक पहुंचाया। पद्मश्री से सम्मानित रामानंद सागर ने अपने करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी। उन्होंने 'बरसात' जैसी सुपरहिट फिल्म की पटकथा लिखी और 'आरज़ू', 'आंखें' और 'चरस' जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया, लेकिन उन्हें असली पहचान 'विक्रम और बेताल' और 'रामायण' से मिली। भारतीय टीवी जगत में रामानंद सागर का योगदान हमेशा अमर रहेगा।

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