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राम गोपाल वर्मा ने 'टॉक्सिक'-'धुरंधर 2' के बीच निकाला ऐसा अंतर, भड़क उठेंगे यश के फैंस 
'टॉक्सिक'-'धुरंधर 2' के टकराव पर क्या बोले राम गोपाल वर्मा?

राम गोपाल वर्मा ने 'टॉक्सिक'-'धुरंधर 2' के बीच निकाला ऐसा अंतर, भड़क उठेंगे यश के फैंस 

Feb 22, 2026
01:16 pm

क्या है खबर?

फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा अपनी बेबाकी के लिए जाने जाते हैं और इस बार उन्होंने सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'टॉक्सिक' पर सीधा तंज कसा है। रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' और 'टॉक्सिक' के बीच होने वाले बॉक्स ऑफिस मुकाबले पर टिप्पणी करते हुए राम गोपाल ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां 'धुरंधर 2' दर्शकों की बुद्धिमत्ता का सम्मान करती है, वहीं 'टॉक्सिक' उन्हें 'मंदबुद्धि' मानकर चलती है।

भिड़ंत

छोटे योद्धा और विशाल दानव के बीच महायुद्ध

वर्मा ने एक्स पर लिखा, 'Dhuroxic PARK...। नहीं, मैं यहां 19 मार्च को रिलीज होने वाली 2 बड़ी फिल्मों 'धुरंधर 2' और टॉक्सिक की बात नहीं कर रहा हूं। मैं दरअसल भारतीय सिनेमा के भव्य अखाड़े में फटने वाले एक ऐसे पौराणिक मूलरूप की बात कर रहा हूं, जिसे पहले कभी देखा या अनुभव नहीं किया गया है। ये 'डेविड और गोलियथ' (एक छोटे योद्धा और एक विशाल दानव) के बीच होने वाले महायुद्ध जैसा है।'

टकराव

जंग भाषा या राज्यों की नहीं, बल्कि सिनेमा की शैलियों की है

निर्देशक ने लिखा, "मेरा दृढ़ विश्वास है कि Dhuroxic की ये जंग उत्तर बनाम दक्षिण के बारे में नहीं है और ना ही ये बॉलीवुड बनाम कन्नड़ सिनेमा की लड़ाई है। दरअसल, ये 2 'संस्कृतियों' के बीच का एक भीषण मुकाबला है। क्षेत्रों की संस्कृति नहीं, बल्कि 'सिनेमा' की संस्कृति। वर्मा ने स्पष्ट किया कि इसे भाषा या राज्यों की लड़ाई ना समझें, बल्कि ये 2 अलग-अलग फिल्म मेकिंग स्टाइल और कहानी कहने के तरीकों के बीच का टकराव है।

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निशाना

'KGF 2' लोकल है और 'टॉक्सिक' दर्शकों को मंदबुद्धि मानती है- वर्मा

वर्मा के मुताबिक, 'धुरंधर' के निर्माता दर्शकों की बुद्धि का सम्मान करते हैं, जबकि 'टॉक्सिक' के निर्माता दर्शकों को बेवकूफ समझते हैं। उन्होंने लिखा, 'दोनों के बीच मुख्य अंतर ये है कि 'धुरंधर' दर्शकों की बुद्धिमत्ता का सम्मान करती है और 'टॉक्सिक' उनकी मंदबुद्धि का अनुमान लगाती है। 'KGF 2' एक 'लोकल' फिल्म थी, जिसने जनता की 'मंदबुद्धि' को निशाना बनाया था, जबकि 'धुरंधर' ने जनता की 'बुद्धिमत्ता' को लक्ष्य बनाया। इसी वजह से ये फिल्म 'ग्लोबल' (वैश्विक) बन सकी।'

तंज

'धुरंधर' स्मार्ट सिनेमा, 'KGF 2' और 'टॉक्सिक' केवल भीड़ के लिए?

निर्देशक का मानना है कि सिनेमा का भविष्य 'स्टार पावर' में नहीं, बल्कि 'दर्शक की अक्ल' के सम्मान में है। उन्होंने 'धुरंधर' की सफलता को समझदार सिनेमा की जीत बताया और उन निर्माताओं पर निशाना साधा, जो दर्शकों को बेवकूफ समझकर पुरानी घिसी-पिटी मसाला फिल्में परोसते हैं। RGV ने कहा कि 'धुरंधर' स्मार्ट सिनेमा है, जो दर्शकों के दिमाग को चुनौती देती है, जबकि 'KGF 2' और 'टॉक्सिक' दर्शकों को केवल भीड़ मानकर उनका दिमाग इस्तेमाल नहीं होने देतीं।

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