
मनोज कुमार के करीबी दोस्त प्रेम चोपड़ा बोले- उन्होंने मेरा फोन उठाना बंद कर दिया था
क्या है खबर?
दिग्गज अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार नहीं रहे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में 4 अप्रैल, 2025 की सुबह उन्होंने आखिरी सांसें लीं।
बेटे कुणाल गोस्वामी ने बताया कि पिता ने शांतिपूर्वक दुनिया को अलविदा कहा है। मनोज लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। वह 21 फरवरी से अस्पताल में भर्ती थे।
पूरा देश उनके निधन से गमगीन हैं। हाल ही में उनके दोस्त और बॉलीवुड के मशहूर विलेन प्रेम चोपड़ा उन्हें याद कर भावुक हो गए।
दुख
वो मेरे बेहद करीबी दोस्त थे- प्रेम
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक प्रेम चोपड़ा ने कहा, "मनोज कुमार मेरे बेहद करीबी थे। मैंने अपना प्यारा दोस्त खो दिया। हमने कई फिल्मों में साथ काम किया था। मैं उनके बगल में खड़ा होकर वाकई गर्व महसूस करता था, क्योंकि वो सिनेमामैन थे। मनोज अपनी स्क्रिप्ट और डायलॉग्स खुद लिखते थे और कभी-कभार कैमरा भी वो खुद ही चलाते थे।"
बातचीत में जब प्रेम से पूछा गया कि क्या वह और मनोज कुमार हाल के दिनों में संपर्क में थे?
कारण
मनोज ने क्यों नहीं उठाया प्रेम चोपड़ा का फोन?
प्रेम बोले, "मैंने हाल के दिनों में उन्हें कॉल करने की कोशिश की थी, लेकिन वह मेरा फोन नहीं उठा रहे थे। मुझे बुरा नहीं लगा, क्योंकि मैं जानता था कि उनकी सेहत ठीक नहीं थी। मनोज जब निर्देशन का काम संभालते थे तो वह एक-एक सीन के बारे में बताते थे और फिर पीछे हट जाते थे ताकि कैमरे के सामने कलाकारों को कोई दिक्कत न हो। उन्हें सिनेमैटोग्राफी से संगीत तक, सिनेमा के बारे में सबकुछ पता था।"
श्रद्धांजलि
"मनोज का नाम सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा"
प्रेम कहते हैं, "मुझे उनकी कमी बहुत खलेगी। वह सचमुच मेरे बहुत प्यारे दोस्त थे। मुझे दुख है कि वे हमें छोड़कर चले गए। उनका नाम सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। सिनेमा में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मैं शिमला से एक्टर बनने आया था, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में पैर जमाने के लिए मैंने एक अखबार में नौकरी की। मनोज हमेशा मेरी मदद के लिए मौजूद रहे। मैं उनकी लगभग सभी फिल्मों में था।"
योगदान
मनोज ने दिया इंडस्ट्री में कइयों को रोजगार
प्रेम ने कहा कि आज की पीढ़ी के फिल्म निर्माता भी मनाेज की देशभक्ति वाली फिल्में बनाने के तरीके की नकल कर रहे हैं। उन्होंने अपनी फिल्मों के जरिए कई लोगों को रोजगार भी दिया। कई अभिनेताओं की छवि बदली, जो उनकी वजह से आज भी इंडस्ट्री में टिके हुए हैं।
बता दें कि मनोज और प्रेम ने 'डॉक्टर विद्या' से लेकर 'शहीद', 'उपकार', 'यादगार', 'पूरब और पश्चिम', 'क्रांति' और 'सन्यासी' जैसी कई सफल फिल्मों में साथ काम किया था।