भारत की पहली AI म्यूजिक कंपनी 'PaRa' ने छेड़ी नई धुन, अब पूरी दुनिया सुनेगी भारतीय संगीत
PaRa म्यूजिक ने भारत की पहली AI-आधारित म्यूजिक कंपनी के तौर पर अपनी शुरुआत की है। इसका लक्ष्य भारतीय धुनों को दुनिया के मंच तक पहुंचाना है।
यह कंपनी इंसानी रचनात्मकता और स्मार्ट AI टूल्स का मेल करके काम कर रही है। ये टूल्स टूल्स गानों के संग्रह को व्यवस्थित करने, उन्हें विभिन्न प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाने और उनसे कमाई करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे।
अपोलो ग्रोथ कैपिटल के समर्थन के साथ, PaRa अगले चार सालों में 40,000 गानों का एक विशाल संग्रह तैयार करना चाहता है।
भारत की म्यूजिक इंडस्ट्री साल 2028 में कितने करोड़ तक पहुंचेगी?
PaRa म्यूजिक का एक खास AI सिस्टम, पारामीटर, अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स और क्षेत्रों में सुनने वालों की पसंद पर बारीक नजर रखता है।
यह सिस्टम रुझानों को पहचानने और सही गानों को आगे बढ़ाने में खास भूमिका निभाता है। साथ ही, यह कलाकारों को संगीत बनाने की पूरी आजादी भी देता है।
भारत की म्यूजिक इंडस्ट्री साल 2028 तक 7,500 करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है। इसे देखते हुए PaRa केंद्र और राज्य सरकारों के साथ हाथ मिलाने की योजना बना रहा है, ताकि भारतीय संगीत और उसके रचनाकारों को वैश्विक मंच पर उचित पहचान मिल सके।