'सतलुज' बैन होने पर भड़के अभिनेता कंवलजीत सिंह, पूछा- क्या हिटलर पर बनी फिल्म भी रोकोगे?
क्या है खबर?
मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित और दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सतलुज' (जिसे पहले 'पंजाब 95' के नाम से जाना जा रहा था) को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया था, लेकिन रिलीज के महज 48 घंटों के भीतर ही पर सरकारी निर्देशों के बाद इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इस सेंसरशिप पर फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ और अनुभवी अभिनेता कंवलजीत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
भड़ास
"वक्त के साथ जख्म भर जाते हैं..."
कंवलजीत ने टाइम्स नाउ से कहा, "अगर हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करते हैं तो आप उसका गला घोंट रहे हैं। अब ये इतिहास बन चुका है। अगर आपको केवल जनआक्रोश का ही डर था तो इसका मतलब तो यह हुआ कि जब भी हिटलर या होलोकॉस्ट (यहूदी नरसंहार) पर कोई फिल्म बनेगी तो उसका विरोध होगा और उसकी प्रतिक्रिया होगी, लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है। समय के साथ पुराने से पुराने घाव भी भर जाते हैं।"
नाराजगी
"आखिर अधिकारियों को किस बात का डर है?"
पिछले दिनों IANS से बातचीत में अभिनेता कंवलजीत ने 'सतलुज' को ZEE5 से हटाए जाने पर गहरा धक्का लगने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म पिछले ढाई- तीन साल से बाहरी दबावों और 127 कट्स जैसी सेंसरशिप की चुनौतियों से जूझ रही थी। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि वे किस जनआक्रोश से डर रहे हैं। उन्होंने सभी से इसे एक सामान्य 'ऐतिहासिक' फिल्म की तरह देखने की अपील की थी।
निर्देश
नियमों के उल्लंघन पर सरकार ने 48 घंटे में हटवा दी थी फिल्म
सेंसर बोर्ड के कई कट्स की मांग के कारण फिल्म पंजाब 95 3 साल तक रिलीज नहीं हो सकी। निर्माताओं ने कट्स मानने के बजाय इसे सतलुज नाम से बिना किसी बदलाव के सीधे ZEE5 पर जारी कर दिया। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इसे नियमों का उल्लंघन माना, क्योंकि OTT रिलीज से पहले आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। इसके बाद सरकार के निर्देश पर रिलीज के 48 घंटे के भीतर फिल्म प्लेटफॉर्म से हटा दी गई।