कर्नाटक में SIR पर बवाल, प्रकाश राज और कई लेखकों का विरोध; बोले- करोड़ों वोटरों के नाम कटने का डर
कन्नड़ के जाने-माने लेखकों और लेखिकाओं का एक समूह, जिसमें मशहूर अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज भी शामिल हैं, कर्नाटक की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।
उनका मानना है कि इस प्रक्रिया के कारण 2 करोड़ से लेकर 3 करोड़ तक योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से छूट सकते हैं।
उन्होंने कहा है, 'राज्य सरकार और मुख्य चुनाव अधिकारी को शरणों, सूफी संतों और कवि-कुलपति कुवेम्पु की इस भूमि पर ऐसा अन्याय नहीं होने देना चाहिए।'
लेखकों ने की इस चीज की मांग
यह समूह चाहता है कि सरकार इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाए। इसके लिए उन्होंने कुछ सुझाव भी दिए हैं।
इनमें जटिल सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल को कम करना, ग्राम सभाओं की बैठकों में मसौदा सूची को सबके सामने रखना और नामों को अंतिम रूप देने से पहले सामाजिक सत्यापन करना शामिल है।
आगामी स्थानीय चुनावों के मद्देनजर, वे 20 जून को बेंगलुरु में होने वाले एक विरोध प्रदर्शन का भी समर्थन कर रहे हैं।