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कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में पायल कपाड़िया को मिली बड़ी जिम्मेदारी, फिर रचा इतिहास
कान्स फिल्म फेस्टिवल में पायल कपाड़िया ने फिर रचा इतिहास

कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में पायल कपाड़िया को मिली बड़ी जिम्मेदारी, फिर रचा इतिहास

Apr 22, 2026
08:36 pm

क्या है खबर?

भारतीय सिनेमा के लिए एक गौरवशाली क्षण में फिल्म निर्देशक पायल कपाड़िया को 2026 के कान्स फिल्म फेस्टिवल में 'क्रिटिक्स वीक' जूरी की अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पिछले साल अपनी फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' के लिए प्रतिष्ठित 'ग्रैंड प्रिक्स' जीतकर इतिहास रचने वाली पायल अब इस वैश्विक मंच पर जूरी का नेतृत्व करेंगी। ये सम्मान पाने वाली वो पहली भारतीय फिल्म निर्माता हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की बढ़ती धमक को दर्शाता है।

जिम्मेदारी

दुनियाभर की बेहतरीन और नई फिल्मी प्रतिभाओं का चयन करने की जिम्मेदारी

भारतीय फिल्म निर्माता पायल कपाड़िया कान्स फिल्म फेस्टिवल के 65वें 'क्रिटिक्स वीक' में जूरी अध्यक्ष के रूप में एक खास भूमिका निभाएंगी। उनके साथ इस वैश्विक जूरी में कनाडाई अभिनेता थिओडोर पेलरीन, गायक-गीतकार ओक्लू, निर्माता अमा अम्पाडू और बैंकॉक वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल के निदेशक डॉनसरन कोविटवानिचा भी शामिल होंगे। विभिन्न देशों के विशेषज्ञों से सजी ये जूरी दुनियाभर की बेहतरीन उभरती प्रतिभाओं का चयन करेगी। उधर पायल कपाड़िया के विजन की कान्स क्रिटिक्स वीक ने जमकर सराहना की।

सराहना

सिर्फ कहानी नहीं, 'अदृश्य जिंदगियों' की आवाज है पायल कपाड़िया का सिनेमा

क्रिटिक्स वीक के अनुसार, पायल का सिनेमा केवल कहानियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा ब्रह्मांड है, जहां लोक कथाओं के जरिए समाज के हाशिए पर जी रहे लोगों, वर्ग संघर्ष और महिलाओं के जीवन के अनछुए पहलुओं को आवाज दी जाती है। क्रिटिक्स वीक ने अपने बयान में कहा कि यही खूबी पायल के सिनेमा को ताकतवर बनाती है। उनकी फिल्मों की दुनिया लोक-कथाओं के जरिए उन लोगों की कहानियां दिखाती हैं जिन्हें समाज देख नहीं पाता।

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सफर

निर्देशक पायल कपाड़िया की शानदार यात्रा

पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से निर्देशन की पढ़ाई करने के बाद पायल की शॉर्ट फिल्मों 'आफ्टरनून क्लाउड्स' और 'एंड व्हाट इज द समर सेइंग' का चयन सिनेफोंडेशन और बर्लिनले जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर हुआ। उनकी पहली फीचर डॉक्यूमेंट्री 'ए नाइट ऑफ नोइंग नथिंग'ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए 'लॉइल डी'ओर' पुरस्कार जीता। इसके बाद कान्स फिल्म फेस्टिवल ने उनकी दूसरी फीचर फिल्म 'ऑल वी इमेजिन एज लाइट' को अपना दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार 'ग्रैंड प्रिक्स' प्रदान किया।

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आयोजन

13 मई से कान्स में गूंजेगी स्वतंत्र सिनेमा की आवाज

पायल ने कहा कि फिल्म फेस्टिवल्स ने उन्हें शुरुआती करियर में न केवल सहारा दिया, बल्कि दुनियाभर के समान विचारधारा वाले कलाकारों से जुड़ने और भविष्य के साथी ढूंढने में मदद की। पायल के मुताबिक, स्वतंत्र सिनेमा को बाजार की ताकतों से बचाने के लिए नई और साहसी फिल्मों को प्रोत्साहित करना और उन्हें 'क्रिटिक्स वीक' जैसे मंच प्रदान करना बेहद जरूरी है। कान्स फिल्म फेस्टिवल के अंतर्गत 'क्रिटिक्स वीक' का आयोजन 13 से 21 मई तक किया जाएगा।

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