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'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, समीर वानखेड़े को लगा तगड़ा झटका
'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' पर हाई कोर्ट का फैसला

'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, समीर वानखेड़े को लगा तगड़ा झटका

Jan 29, 2026
10:56 am

क्या है खबर?

समीर वानखेड़े और आर्यन खान के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने वानखेड़े द्वारा आर्यन खान के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे को खारिज कर दिया है। वानखेड़े का आरोप था कि आर्यन की वेब सीरीज 'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में उनकी छवि को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। हालांकि, कोर्ट ने वानखेड़े की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और आर्यन के पक्ष में फैसला सुनाया।

सुनवाई

कोर्ट ने सुनाया फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व NCB अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे को खारिज कर दिया है। ये केस नेटफ्लिक्स और शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के खिलाफ दायर किया गया था। जज ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ये मामला उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आता है। कोर्ट ने माना कि इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में नहीं हो सकती, इसलिए इसे खारिज किया जाता है।

राहत

'बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के प्रसारण पर अब कोई रोक नहीं

कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता और प्रोडक्शन हाउस दोनों मुंबई से हैं, ऐसे में दिल्ली में सुनवाई का आधार नहीं बनता। हालांकि, जज ने स्पष्ट किया कि समीर वानखेड़े उचित फोरम में याचिका दायर कर सकते हैं। फिलहाल इस फैसले से आर्यन खान के निर्देशन में बनी वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' को राहत मिली है। अब सीरीज के किसी भी दृश्य को हटाने या इसके प्रसारण पर इस केस की वजह से कोई कानूनी रोक नहीं रहेगी।

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आरोप

वानखेड़े ने मांगा था 2 करोड़ का मुआवजा

वानखेड़े का आरोप था कि 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में उन्हें जिस तरह दिखाया गया है, उससे उनकी सामाजिक और पेशेवर प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है। उन्होंने मानहानि के हर्जाने के तौर पर 2 करोड़ रुपये की मांग की थी। वानखेड़े ने अपनी याचिका में यह साफ किया था कि यदि व यह रकम जीतते हैं, तो इसे खुद रखने के बजाय टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान कर देंगे ताकि कैंसर मरीजों की मदद की जा सके।

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दलीले

केस में मुंबई‑दिल्ली की बहस

वानखेड़े ने वेब सीरीज के एक सीन पर आपत्ति जताई थी, जिसमें एक किरदार 'सत्यमेव जयते' बोलने के तुरंत बाद गंदा इशारा करता है। उनका कहना है कि ये उनकी और राष्ट्रीय प्रतीक की छवि को धूमिल करता है। वानखेड़े के वकील ने केस दिल्ली में होने की मांग की, क्योंकि उनके रिश्तेदार दिल्ली में रहते हैं, जबकि शाहरुख की कंपनी ने कहा कि मामला मुंबई में ही सुना जाना चाहिए, क्योंकि वानखेड़े और प्रोडक्शन हाउस दोनों मुंबई में हैं।

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