मेटा ने क्यों बंद किया अपना मेटावर्स प्रोजेक्ट, जिस पर खर्च हुए लगभग 7,400 अरब रुपये?
क्या है खबर?
मेटा ने अपने मेटावर्स प्लान को बड़ा झटका देते हुए वर्चुअल रियलिटी प्लेटफॉर्म होराइजन वर्ल्ड्स को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने बताया कि जून, 2026 तक यह प्लेटफॉर्म VR डिवाइस पर पूरी तरह बंद हो जाएगा। यह वही प्रोजेक्ट था, जिसे 2021 में बड़े विजन के साथ शुरू किया गया था। हालांकि, अब इसे VR पर खत्म किया जा रहा है और यूजर्स इसे केवल मोबाइल ऐप के रूप में सीमित तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे।
वजह
कम यूजर और तकनीकी दिक्कतें वजह
होराइजन वर्ल्ड्स के बंद होने की सबसे बड़ी वजह इसका कमजोर यूजर बेस और लगातार तकनीकी समस्याएं मानी जा रही हैं। प्लेटफॉर्म कभी भी ज्यादा यूजर्स को आकर्षित नहीं कर पाया और इसकी लोकप्रियता सीमित ही रही। कई यूजर्स ने इसके अनुभव को साधारण और कम दिलचस्प बताया। इसके साथ ही, कंपनी के अंदर भी यह समझ की कमी रही कि लोग असल में मेटावर्स से क्या चाहते हैं, जिससे प्रोजेक्ट को नुकसान हुआ है।
छंटनी
भारी नुकसान और छंटनी का असर
मेटा के मेटावर्स डिवीजन को पिछले कुछ सालों में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार 2020 से अब तक कंपनी को 80 अरब डॉलर (लगभग 7,400 अरब रुपये) का घाटा हुआ है। इसी के चलते कंपनी ने रियलिटी लैब्स में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी भी की है। बढ़ती लागत और कम रिटर्न के कारण मेटा अब अपने संसाधनों को दूसरी तकनीकों में लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रणनीति
अब AI और स्मार्ट ग्लास पर फोकस
मेटा अब अपनी रणनीति बड़े स्तर पर बदलते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट ग्लास जैसे प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। कंपनी के स्मार्ट ग्लास को बेहतर रिस्पॉन्स मिला है और लाखों यूनिट्स बिक चुकी हैं। इसके अलावा, मेटा नए AI मॉडल पर भी काम कर रहा है ताकि भविष्य में नई तकनीकों के जरिए ग्रोथ हासिल की जा सके और कंपनी अपने बिजनेस को मजबूत बना सके।