नसीरुद्दीन शाह पर जमकर बरसे अशोक पंडित, बोले- दया आती है; उन्हें मनोचिकित्सक की जरूरत
क्या है खबर?
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली की मांग कर रहे छात्रों का समर्थन करने और खुद को 'दिमागी नक्सल' बताने पर दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह घिर गए हैं। उनके इस बयान पर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने तीखा हमला बोला है। अशोक पंडित ने आरोप लगाया कि नसीरुद्दीन शाह लगातार हताशा और बौखलाहट में बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अभिनेता को अपनी दिमागी हालत ठीक करने के लिए किसी मनोचिकित्सक सलाह लेनी चाहिए।
हमला
नसीरुद्दीन को अशोक पंडित ने बताया 'आदतन गाली देने वाला'
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, अशोक पंडित ने नसीरुद्दीन को 'आदतन गाली देने वाला' कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनेता अपनी भाषा और सार्वजनिक व्यवहार के जरिए बार-बार अपनी हताशा जाहिर कर रहे हैं, जिससे उनकी खुद की छवि खराब हो रही है।
निर्माता ने कहा कि वो नसीरुद्दीन शाह की भाषा से हैरान नहीं हैं, क्योंकि अभिनेता पिछले कुछ महीनों से लगातार दुर्व्यवहार कर रहे हैं और उनके चेहरे के हाव-भाव उनकी अंदरूनी बौखलाहट को बयां करते हैं।
भड़ास
कैमरे पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं नसीरुद्दीन
अशोक पंडित बोले, "नसीरुद्दीन जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं और जिस तरह चेहरे के हाव-भाव बनाते हैं, उससे उनकी हताशा साफ झलकती है। इसके पीछे की वजहें मैं समझ सकता हूं और मुझे उन पर दया आती है।"
उन्होंने कहा, "जब मैं उन्हें कैमरे के सामने पूरी तरह बौखलाया हुआ देखता हूं तो लगता है कि वो अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। लेकिन वे जितना गुस्सा निकालते हैं, उतने ही हर दिन बेनकाब होते जा रहे हैं।"
तंज
हीनभावना के शिकार हुए नसीरुद्दीन- अशोक पंडित
अशोक ने तंज कसते हुए नसीरुद्दीन को मनोचिकित्सक से सलाह लेने तक का सुझाव दे दिया।
अशोक बोले, "उनकी असुरक्षा की एक वजह यह हो सकती है कि देश में जो फिल्में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं, जैसे 'द कश्मीर फाइल्स', 'द केरल स्टोरी' और 'धुरंधर' का दृष्टिकोण इन्हें रास नहीं आ रहा। वाे हीनभावना से जूझ रहे हैं और इसी वजह से ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, वरना कोई सामान्य आदमी ऐसा बर्ताव नहीं करता।"
विवाद
जामिया छात्रों का साथ देकर विवादों में आए नसीरुद्दीन शाह
अशोक का ये बयान नसीरुद्दीन के उस कदम के बाद आया, जिसमें उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया के प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया था।
76 वर्षीय अभिनेता ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने और युवाओं का हौसला तोड़ने का आरोप लगाया था।
इससे पहले नसीरुद्दीन ने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों के अनिश्चितकालीन धरने का भी खुलकर समर्थन किया था, जो परिसर में हुई हिंसक घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।