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'धुरंधर 2' की सफलता के पीछे वो गुमनाम हाथ, आदित्य धर ने बताया किसने संभाली कमान
'धुरंधर 2' की कामयाबी के पीछे किसका हाथ?

'धुरंधर 2' की सफलता के पीछे वो गुमनाम हाथ, आदित्य धर ने बताया किसने संभाली कमान

Apr 08, 2026
06:24 pm

क्या है खबर?

रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर सुनामी लेकर आई है। साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हो चुकी इस स्पाई-थ्रिलर ने न केवल ताबड़तोड़ कमाई की, बल्कि इसके किरदारों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म की इस सफलता के बीच निर्देशक आदित्य धर ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की जीत के पीछे पर्दे के पीछे छिपे एक शख्स का हाथ है। आइए जानें आखिर कौन है वो 'मास्टरमाइंड'।

जीत

फिल्म की कामयाबी के पीछे इस शख्स का बड़ा योगदान

आदित्य धर ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के सेट से ली गई कुछ तस्वीरें साझा कीं और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा, 'ये पोस्ट मुकेश छाबड़ा के लिए है, वो इंसान जिसने 'धुरंधर' को मुझसे भी पहले देख लिया था। कुछ लोग फिल्म में आते हैं और अपना काम करके चले जाते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो खामोशी से पूरी फिल्म का स्वरूप ही बदल देते हैं। मुकेश उन्हीं में से एक हैं।'

खुलासा

'धुरंधर' के हर चेहरे के पीछे छिपी है मुकेश छाबड़ा की कड़ी मेहनत

आदित्य ने लिखा, 'जहां मैं सीमाओं में सोच रहा था, वहां मुकेश ने मुझे निडर होकर बड़ा सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने न सिर्फ बड़े सितारों को जोड़ा, बल्कि फिल्म की गहराई को भी तराशा। 'धुरंधर' जैसी फिल्म के लिए सही कलाकारों का चुनाव हिमालय जैसी चुनौती था। किरदारों की विविधता को देखते हुए हर चेहरे के साथ न्याय करना जोखिम भरा था, लेकिन मुकेश छाबड़ा और उनकी टीम ने इसे मुमकिन कर दिखाया।'

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ट्विटर पोस्ट

आदित्य धर का पोस्ट यहां देखिए

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मकसद

रोल भरना नहीं, रूह ढूंढना था काम

आदित्य ने मुकेश को बस एक निर्देश दिया, बेहतरीन कलाकार चाहिए, चाहे बड़े हों या नए-पुराने। मुकेश ने इसे मिशन बना लिया। इसके बाद हर किरदार पर लंबी बहसें हुईं और कई रिजेक्शन के बाद सही चेहरे चुने गए। उनके लिए ये सिर्फ भूमिकाएं भरना नहीं, बल्कि ऐसे लोग ढूंढना था, जो उस दुनिया का हिस्सा लगें। उन्होंने छोटे रोल पर भी उतनी ही गहराई से काम किया, ताकि पर्दे पर हर किरदार असली और विश्वसनीय लगे।

सराहना

आदित्य ने मुकेश को बताया अपना सच्चा दोस्त

आदित्य ने मुकेश को सिर्फ एक सहकर्मी नहीं, बल्कि एक सच्चा दोस्त और भाई बताया। उन्होंने कहा कि जब कभी उनका खुद का भरोसा डगमगाया, मुकेश चट्टान की तरह फिल्म के साथ खड़े रहे। आदित्य के मुताबिक, फिल्म का हर फ्रेम उनके सही चुनाव की गवाही देता है। उन्होंने अफसोस जताया कि इंडस्ट्री में 'कास्टिंग' को आज भी वो सम्मान नहीं मिलता, जिसकी वो हकदार है, जबकि सही कास्टिंग ही फिल्म को बना या बिगाड़ सकती है।

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