शोहरत के पीछे नहीं भागे एआर रहमान,बोले- अब संगीत सिखाने में मिला नया सुकून
मशहूर संगीतकार एआर रहमान ने बताया कि उन्होंने कभी शोहरत के पीछे भागने की कोशिश नहीं की, सब कुछ स्वाभाविक रूप से होता चला गया।
उनकी शुरुआत एक कीबोर्ड प्लेयर के तौर पर हुई और उन्होंने बस संगीत के प्रति अपने प्यार को ही अपनी राह बनाने दिया।
रहमान ने कहा, 'फिल्मों के लिए संगीत तैयार करना मेरा मकसद नहीं था। यह तो बस अपने आप हो गया।'
उन्होंने बताया कि वे हमेशा इंडस्ट्री के रुझानों के पीछे भागने के बजाए अपनी रचनात्मक संतुष्टि को ज्यादा अहमियत देते रहे।
रहमान ने कही ये बात
'बॉम्बे ड्रीम्स' और 'स्लमडॉग मिलियनेयर' जैसे प्रोजेक्ट्स में उनकी अनोखी स्टाइल देखने को मिलती है, जिसका श्रेय रहमान अपनी मौलिकता को देते हैं।
वे कहते हैं कि उन्होंने कभी किसी को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की, बल्कि हमेशा खुद के प्रति सच्चे रहे।
इतने सालों के बाद भी, जब कभी उन्हें प्रेरणा की कमी महसूस होती है, तो उन्हें संगीत सिखाने में अपना मकसद मिलता है।
रहमान ने समझाया, 'पता है, समय के साथ इंसान सुस्त हो सकता है या निराश महसूस कर सकता है। इससे लड़ने के लिए मैंने अपनी जिंदगी का मकसद ढूंढ लिया है- लोगों को संगीत सिखाना।'
इस नई पहल के जरिए, वे युवाओं और अपने पुराने प्रशंसकों, दोनों को प्रेरित करने की उम्मीद रखते हैं।