जेप्टो को मिले 21 करोड़ ऑर्डर, फिर भी हुआ 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा
जेप्टो अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रही है और इस बीच उसने कुछ आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उसे 21 करोड़ ऑर्डर मिले।
यह आंकड़ा स्विगी इंस्टामार्ट के ऑर्डरों से लगभग दोगुना है, लेकिन ब्लिंकिट अभी भी 27.39 करोड़ ऑर्डर के साथ इस दौड़ में सबसे आगे बना हुआ है।
जेप्टो अपनी कमाई का हिसाब-किताब बाकी कंपनियों से थोड़ा अलग ढंग से दिखाता है। यह अपनी 'नेट रिसीवेबल्स' की कुल वैल्यू पर खास ध्यान देती है। इस वैल्यू में छूट के बाद बेचे गए सामान की कीमत, साथ ही यूजर फीस, सब्सक्रिप्शन से मिली आय और विज्ञापन से होने वाली कमाई शामिल है।
मुनाफा कमाने के लिए बनाई योजना
इतने बड़े ऑर्डर मिलने के बावजूद जेप्टो ने मार्च तिमाही में 1,248 करोड़ रुपये का एडजस्टेड EBITDA घाटा दर्ज किया, वहीं ब्लिंकिट ने इसी दौरान थोड़ा मुनाफा कमाया, जबकि स्विगी इंस्टामार्ट को भी नुकसान हुआ।
कंपनी का कहना है कि उनकी योजना है कि वे अपने कारोबार का और तेजी से विस्तार करें और विज्ञापन पर ज्यादा ध्यान दें, ताकि भविष्य में स्थिति सुधर सके।
मौजूदा घाटे के बावजूद कंपनी को यकीन है कि उनकी तेज ग्रोथ से आगे चलकर मुनाफा जरूर होगा। उन्हें यह भी उम्मीद है कि निवेशक उनकी इस ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा करने के लिए तैयार होंगे।