Loading...
छंटनी से उलट कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का ऑफर क्यों दे रहीं माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां?
कंपनियां इस तरीके से खर्च कम करने के साथ अपने कामकाज में बदलाव करना चाहती हैं

छंटनी से उलट कर्मचारियों को खुद नौकरी छोड़ने का ऑफर क्यों दे रहीं माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां?

Oct 29, 2026
11:44 am

क्या है खबर?

कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए अब कंपनियां उन्हें नौकरी छोड़ने के बदले पैसे देने का विकल्प अपना रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट, मर्सिडीज-बेंज और स्काईडांस जैसी कंपनियों ने ऐसी योजनाएं शुरू की हैं। इसके तहत कर्मचारी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ सकते हैं और बदले में आर्थिक मुआवजा पा सकते हैं। कंपनियां इस तरीके से खर्च कम करने के साथ अपने कामकाज में बदलाव करना चाहती हैं। इससे कर्मचारियों को भी आगे का फैसला लेने का समय मिलता है।

ऑफर

माइक्रोसॉफ्ट ने 4 देशों में दिया ऑफर

माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका, कनाडा, भारत और ब्रिटेन में लेवल 70 या उससे नीचे के योग्य कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निकास योजना शुरू की है।

कंपनी की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने एक आंतरिक मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कंपनी अपने कर्मचारियों की जरूरतों की समीक्षा कर रही है।

इसके साथ ही, माइक्रोसॉफ्ट AI से जुड़े बुनियादी ढांचे में भी बड़ा निवेश कर रही है।

मर्सिडीज-बेंज

मर्सिडीज-बेंज और स्काईडांस ने भी दिया विकल्प

मर्सिडीज-बेंज जर्मनी में सहायक काम करने वाले कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दे रही है।

कंपनी बढ़ती प्रतिस्पर्धा और खर्च के दबाव के बीच अपने कामकाज को आसान बनाना चाहती है। वहीं, स्काईडांस ने उन कर्मचारियों को मुआवजे के साथ नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है, जो सप्ताह में 5 दिन ऑफिस आने की नई नीति नहीं अपनाना चाहते।

स्काईडांस के प्रस्ताव में नौकरी के हर साल के बदले 2 सप्ताह के वेतन के बराबर मुआवजा शामिल है।

ADVERTISEMENT

वजह

खर्च कम करने के लिए अपना रही हैं यह तरीका

कंपनियां बदलते बाजार, बढ़ते खर्च और कारोबार की नई जरूरतों के कारण कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रही हैं।

ऐसे में स्वैच्छिक निकास योजना उन्हें बिना सीधे नौकरी से निकाले कर्मचारियों की संख्या कम करने का मौका देती है। मर्सिडीज-बेंज जैसी कंपनियां खर्च घटाकर कामकाज को बेहतर बनाना चाहती हैं, जबकि माइक्रोसॉफ्ट अपने संसाधनों को AI जैसी नई तकनीकों पर लगा रही है।

इस तरीके से कंपनियां कर्मचारियों को फैसला लेने का विकल्प भी देती हैं।

ADVERTISEMENT

अन्य

क्या छंटनी की जगह ले सकेंगी ऐसी योजनाएं?

स्वैच्छिक निकास योजनाओं से कंपनियों को कर्मचारियों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है।

कर्मचारियों को भी अचानक नौकरी जाने के बजाय मुआवजा लेकर खुद फैसला करने का अवसर मिलता है। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि ऐसी योजनाओं के बाद कंपनियां छंटनी न करें।

इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने कर्मचारी नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं। कंपनियों के लिए खर्च घटाने के साथ जरूरी कर्मचारियों को बनाए रखना भी अहम है।

ADVERTISEMENT