विनोद खोसला ने AI को लेकर दी चेतावनी, कहा- IT उद्योग को कर देगा खत्म
वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत की IT सर्विसेज उद्योग में बड़ा बदलाव ला सकता है।
उन्होंने पॉडकास्ट अल्फा पर यह भी कहा कि भारत का IT सर्विसेज उद्योग खत्म हो जाएगा। उनका तर्क है कि AI अब कोडिंग और टेक सपोर्ट जैसे काम आसानी से कर पा रहा है।
यह बात भारत के तकनीकी क्षेत्र के लिए काफी अहम है क्योंकि वित्त वर्ष 2026 तक इस क्षेत्र से 315 अरब डॉलर (करीब 30,000 अरब रुपये) राजस्व मिलने की उम्मीद है और इसमें करीब 59.5 लाख लोग काम करते हैं।
TCS दशक के अंत तक पूरी तरह अपनाएगी AI
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन जैसे बड़े उद्योगपति भी मानते हैं कि AI पहले से ही हायरिंग ट्रेंड्स को बदल रहा है। उनकी कंपनी का AI से होने वाला सालाना राजस्व मार्च में खत्म हुई तिमाही में 2.3 अरब डॉलर (करीब 215 अरब रुपये) से ज्यादा रहा। उनका लक्ष्य है कि वे इस दशक के आखिर तक AI को पूरी तरह अपना लें।
खोसला का सुझाव है कि भारत को अपने इंजीनियरिंग प्रतिभाओं को हेल्थकेयर, एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे क्षेत्रों के लिए नए AI समाधान बनाने में लगाना चाहिए। इससे नौकरियों के संभावित नुकसान को नए अवसरों में बदला जा सकेगा।
नैसकॉम के उपाध्यक्ष श्रीकांत वेलामकन्नी ने भी कहा कि AI पुराने कामों को समेट रहा है, लेकिन काम के नए क्षेत्रों को फैला रहा है।