डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ रुपया, 95.16 पर लुढ़का
भारतीय रुपया बुधवार (8 जुलाई) को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.16 पर कमजोर शुरुआत के साथ खुला। इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और ईरान पर हुए ताजा हमलों के बाद मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव है। डॉलर की मजबूती और अमेरिका के ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इसी बीच, ब्रेंट क्रूड का भाव 76 डॉलर (करीब 7,100 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
एशियाई मुद्राओं में भी आई गिरावट
ज्यादातर एशियाई मुद्राओं में भी यही रुझान देखने को मिला और वे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो गईं। मलेशिया के रिंगगिट में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि इंडोनेशिया के रुपिया में थोड़ी बढ़त देखने को मिली।
दूसरी तरफ, ताइवान के डॉलर और चीन के रेनमिनबी में बहुत कम उतार-चढ़ाव हुआ। फिनरेक्स ने सलाह दी है कि निर्यातक रुपये के इन उतार-चढ़ावों का फायदा उठाकर बेहतर सौदे कर सकते हैं। आयातकों को यह भी सुझाव दिया गया है कि अगर, डॉलर के भाव 95 से नीचे आते हैं तो वे डॉलर खरीद लें।