डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर खुला रुपया, जानिए गिरावट की वजह
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बुधवार (10 जून) को रुपया 19 पैसे कमजोर होकर 95.54 के स्तर पर खुला। इस गिरावट की कई वजहें हैं। विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजारों से अपना पैसा निकाल रहे हैं, वहीं आयातक भी डॉलर की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनियाभर के बाजारों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए थे, लेकिन इस पहल का कोई खास असर नहीं दिखा।
भारतीय शेयर बाजार से हुई डॉलर की निकासी
इस महीने भारतीय शेयर बाजार से 6 अरब डॉलर (करीब 550 अरब रुपये) से भी ज्यादा की निकासी हुई है, जो पिछले महीने के आंकड़े से भी कहीं ज्यादा है। इस भारी निकासी से डॉलर की मांग और भी बढ़ गई है।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और शेयर बाजार में लगातार हो रही बिकवाली भी बाजार पर दबाव डाल रही हैं। इतना ही नहीं एशियाई देशों की मुद्राओं में गिरावट और मध्य पूर्व में जारी तनावों की वजह से कच्चे तेल के दाम चढ़ने से डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर सभी की नजर
अब सभी की निगाहें अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हुई हैं। यह डेटा ही बताएगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे चलकर क्या फैसले लेगा। और इसी से यह भी तय होगा कि रुपया जैसी उभरती हुई मुद्राओं का भविष्य कैसा रहेगा।