बैंकों ने विदेश में बसे भारतियों से जुटाए करीब 6,900 अरब रुपये के डॉलर
भारतीय बैंकों ने हाल ही में विदेशों से 72.8 अरब डॉलर (करीब 6,900 अरब रुपये) इकट्ठा किए हैं। इस रकम का ज्यादातर हिस्सा अप्रवासी भारतियों (NRIs) और दूसरे विदेशी कर्जों के जरिए आया है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बताया है कि इतनी बड़ी मात्रा में यह पैसा देश में इसलिए आया क्योंकि इनफ्लो यानि बाहर से आने वाले धन को बढ़ावा देने के लिए कुछ खास उपाय किए गए थे।
सबसे ज्यादा पैसा FCNR जमा से आए
कुल रकम में से सबसे ज्यादा 65.4 अरब डॉलर फाॅरेन करेंसी नॉन-रेंजिडेंट (FCNR) जमा के जरिए आए हैं, जबकि 7.45 अरब डॉलर (करीब 700 अरब रुपये) दूसरे विदेशी मुद्रा कर्जों से जुटाए गए।
बैंकों के लिए इस प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए अब वे इस पैसे को वापस NRIs को कर्ज के तौर पर दे सकेंगे। साथ ही, RBI ने कहा है कि 31 अगस्त को 'डिस्काउंटेड फॉरेन एक्सचेंज स्वैप फैसिलिटी' खत्म हो जाएगी। यह सुविधा बैंकों को NRIs से मिले डिपॉजिट्स से जुड़े जोखिम को संभालने में मदद करती थी।