RBI में 6 साल बाद घटी कर्मचारियों की संख्या, लेकिन खर्चे में हुआ इजाफा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, कैलेंडर वर्ष 2025 में उसके कर्मचारियों की कुल संख्या में 2019 के बाद 6 वर्षों में पहली बार गिरावट आई।
दिसंबर, 2025 तक इनकी संख्या 13,220 थी, जो 2024 के 13,520 से करीब 2 फीसदी कम है। इस कमी में ज्यादातर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं। कम कर्मचारियों के बावजूद, RBI का खर्चा करीब 11 फीसदी बढ़ गया है और इसकी मुख्य वजह पेंशन का बढ़ता बोझ है।
प्रथम श्रेणी कर्मचारियों की जा रही भर्ती
कर्मचारियों की कुल संख्या कम होने के बावजूद केंद्रीय बैंक ने प्रथम श्रेणी कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी है। ये 2024 के 7,325 से बढ़कर 2025 में 7,517 हो गए हैं।
यह दिखाता है कि बैंक का जोर अब उच्च-स्तरीय भूमिकाओं पर है। बैंक ने 'उत्कर्ष 2029' के लिए तैयारी शुरू कर दी है और ऑटोमेशन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका मकसद गवर्नेंस को बेहतर बनाना और कम कर्मचारियों के साथ काम को सुचारू रूप से चलाना है।