अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भारतीय शेयर बाजार को लगे पंख
भारत का शेयर बाजार एक बार फिर 5,000 अरब डॉलर (करीब 4.7 लाख अरब रुपये) का आंकड़ा पार कर गया है। इसकी वजह तेल की कीमतों में आई गिरावट है। यह अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के बाद आई है, जिससे दुनियाभर में ऊर्जा चिंताएं कम हुई हैं।
यह निवेशकों के लिए एक खास मौका है और दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय माहौल शांत होने पर बाजार कितनी तेजी से फिर से मजबूत हो सकते हैं।
मिड और स्मॉल कैप शेयरों में उछाल
पिछले चार दिनों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का बाजार मूल्य 6 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है। इसमें छोटे शेयरों ने बड़े शेयरों को भी पीछे छोड़ दिया है।
अप्रैल से अब तक सेंसेक्स में 7 फीसदी की तेजी आई है, वहीं मिड-कैप, स्मॉल-कैप और माइक्रो-कैप इंडेक्स में तो 26 फीसदी तक का उछाल देखने को मिला है। बुधवार को सेंसेक्स 77,205.70 अंक पर ट्रेड कर रहा था।
भारतीय निवेशकों ने संभाला मोर्चा
भले ही विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हों, लेकिन भारतीय निवेशकों के मजबूत समर्थन और बाजार में कम अस्थिरता ने इस तेजी को और बढ़ावा दिया।
निफ्टी 50 इंडेक्स में भी 95.65 अंकों या 0.40 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। यह 24,084.80 पर कारोबार कर रहा था। अब सबकी नजरें रुपये की चाल और उन नई नीतियों पर टिकी हैं, जो देश में और निवेश ला सकती हैं।