सरकार की इस योजना से इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस नाराज
बिज़नेस
केंद्र सरकार एयरलाइंस और हवाई अड्डा संचालकों के बीच निवेश के नियमों को आसान बनाने पर विचार कर रही है।
अभी के नियम कहते हैं कि मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े हवाई अड्डों में एयरलाइंस केवल 10 फीसदी तक ही निवेश कर सकती हैं।
इसके उलट, नोएडा इंटरनेशनल और नवी मुंबई के हवाई अड्डों के संचालक किसी एयरलाइन में 26 फीसदी तक की हिस्सेदारी रख सकते हैं।
एयरलाइंस ने दी सरकार को चेतावनी
इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइंस इस फैसले से खुश नहीं हैं। इंडिगो के प्रबंध निदेशक राहुल भाटिया का कहना है कि दुनिया में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है, जहां एक एयरलाइन और एक हवाई अड्डा संचालक इस तरह एक-दूसरे से जुड़े हों।
एयरलाइंस ने चेतावनी दी है कि इस कदम से बाजार में प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है, जिसका सीधा नुकसान यात्रियों को होगा।