बिटकॉइन में आई गिरावट से 1.52 लाख से ज्यादा ट्रेडर्स के डूबे अरबों रुपये
बिटकॉइन की कीमत मंगलवार (2 जून) को गिरकर 70,159 डॉलर (करीब 65.2 लाख रुपये) के करीब आ गई। हालांकि, थोड़ी देर बाद इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन इस अचानक आई गिरावट ने सिर्फ 24 घंटों में 1.52 लाख से ज्यादा ट्रेडर्स को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें करीब 74.40 करोड़ डॉलर (करीब 6,900 करोड़ रुपये) के सौदे लिक्विडेट हो गए।
डेल्टा एक्सचेंज की अनुसंधान विश्लेषक रिया सहगल ने बताया कि ट्रेडर्स ने अपने जोखिम भरे दांवों को फटाफट खत्म किया और सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिसकी वजह से यह गिरावट आई।
बिटकॉइन के और गिरने का खतरा
बिटकॉइन ने 72,500 से 73,000 डॉलर (67.4-67.8 लाख रप) के अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया है और अब यह 70,000 डॉलर (करीब 65.1 लाख रुपये) के करीब बना हुआ है। अगर, इसकी गिरावट जारी रही तो यह 68,500 डॉलर (करीब 63.7 लाख रुपये) तक और नीचे जा सकता है। एथीरियम को भी नेटवर्क पर कम एक्टिविटी और ETF से लगातार हो रही निकासी के कारण बिकवाली का दबाव झेलना पड़ा है।
इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष के भू-राजनीतिक तनाव और क्रिप्टो बाजार से बड़े पैसे का बाहर निकलना बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है। जिओटस के सह संस्थापक विक्रम सुब्बराज का कहना है कि संस्थागत निवेशक आगे क्या कदम उठाते हैं, इसी से तय होगा कि बिटकॉइन 70,000 डॉलर के आस-पास स्थिर होता है या 80,000 डॉलर (करीब 74.4 लाख रुपये) की ओर फिर से बढ़ने की कोशिश करता है। फिलहाल, सभी की नजरें ETF के फ्लो और वैश्विक खबरों पर टिकी हैं, ताकि यह समझा जा सके कि बाजार की अगली चाल क्या होगी।