SEBI ने फंड रिपोर्टिंग के तरीकों में किया बदलाव, बाजार में बढ़ेगी पारदर्शिता
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कंपनियों के लिए फंड रिपोर्टिंग के तरीकों में बड़े बदलाव किए हैं। इसका मकसद रिपोर्टिंग को तेज, ज्यादा स्पष्ट और नियमों को आसान बनाना है।
SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को एक निदेशकों के कार्यक्रम में इन बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से कंपनियों और निवेशकों दोनों के लिए चीजें सुगम हो जाएंगी।
सख्त होगी रिपोर्टिंग की समय सीमा
अध्यक्ष ने बताया कि सच्ची पारदर्शिता जानकारी की मात्रा से नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता, समयबद्धता और उपयोगिता से तय होती है। इसके साथ ही, SEBI अहम घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए सख्त समय सीमा लागू कर रहा है और रिलेटेड-पार्टी डील्स से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट करेगा।
नियामक यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि किसी कंपनी को एक ही गलती के लिए अलग-अलग स्टॉक एक्सचेंजों से 2 बार जुर्माना न मिले। इन सभी कदमों का उद्देश्य बाजार को ज्यादा निष्पक्ष और भरोसेमंद बनाना है।