RBI के फैसलों के बाद रुपया वापस 94 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर आया
क्या है खबर?
भारतीय रुपये ने 5 जून को डॉलर के मुकाबले मजबूत प्रदर्शन किया और दो महीने की सबसे बड़ी दैनिक बढ़त दर्ज की है। कारोबार खत्म होने पर रुपया 94.93 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले सत्र में यह 95.79 पर बंद हुआ था। दिनभर मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा। जानकारों का मानना है कि RBI की नई घोषणाओं और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाले फैसलों ने रुपये को मजबूती दिलाने में अहम योगदान दिया है।
प्रयास
विदेशी पूंजी आकर्षित करने की कोशिश
RBI ने रुपये को समर्थन देने और विदेशी पूंजी लाने के लिए कई नई सुविधाओं की घोषणा की है। इनमें विदेशी मुद्रा जमा योजनाओं और कुछ कंपनियों के विदेशी कर्ज के लिए विशेष स्वैप सुविधा शामिल है। इन कदमों का मकसद देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ाना और करेंसी बाजार पर दबाव कम करना है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और वित्तीय स्थिति को मजबूती मिल सकती है।
माहौल
बाजार में बढ़ा सकारात्मक माहौल
केंद्रीय बैंक के फैसलों से निवेशकों के बीच भरोसा मजबूत हुआ है। उनका कहना है कि RBI ने ऐसे उपाय चुने हैं जो सीधे विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकते हैं। इससे देश के बाहरी वित्तीय हालात बेहतर होने की उम्मीद है। सकारात्मक संकेत मिलने के बाद मुद्रा बाजार में खरीदारी बढ़ी और रुपये को फायदा मिला। यही वजह रही कि स्थानीय मुद्रा ने दिनभर डॉलर के मुकाबले मजबूत स्थिति बनाए रखी।
बदलाव
रेपो रेट में नहीं हुआ बदलाव
मौद्रिक नीति बैठक के बाद RBI ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का फैसला किया है। केंद्रीय बैंक ने अपने नीति रुख में भी कोई बदलाव नहीं किया। इसके साथ ही, महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं आर्थिक वृद्धि को लेकर भी नया अनुमान जारी किया गया। RBI का कहना है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है और आगे भी संतुलित विकास की उम्मीद है।