
रॉयल एनफील्ड ने 350 CC बाइक्स पर GST बढ़ोतरी को लेकर सरकार से की ये अपील
क्या है खबर?
रॉयल एनफील्ड ने 350 CC बाइक्स पर GST बढ़ोतरी को लेकर सरकार से सभी दोपहिया वाहनों पर एक समान 18 प्रतिशत टैक्स लगाने की अपील की है। कंपनी के प्रमुख सिद्धार्थ लाल का कहना है कि बड़ी बाइक्स पर ज्यादा GST लगाने से उद्योग को नुकसान होगा और विदेशी कंपनियों को फायदा मिलेगा। उनका तर्क है कि यह फैसला न केवल 'मेक इन इंडिया' पहल की सफलता बल्कि भारत के वैश्विक नेतृत्व को बनाए रखने के लिए भी जरूरी है।
निवेश
विभाजित कर से घटेगा निवेश और बढ़ेगी मुश्किल
सिद्धार्थ का कहना है कि अलग-अलग टैक्स दरें उद्योग के लिए खतरनाक साबित होंगी। इससे 350 CC से ऊपर की बाइक्स का घरेलू बाजार छोटा हो जाएगा और निवेश रुक जाएगा। इसके साथ ही, भारतीय ब्रांड छोटी क्षमता वाली बाइक्स तक ही सीमित रह जाएंगे और उनका वैश्विक विस्तार प्रभावित होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि विदेशी कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर भारत के मध्यम क्षमता वाले सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत कर सकती हैं।
असर
भारतीय बाजार पर असर और उपभोक्ता धारणा
लाल ने बताया कि 350 CC से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें भारत के कुल दोपहिया बाजार का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा हैं। ऐसे में इस पर टैक्स बढ़ाने से सरकार को कोई खास राजस्व नहीं मिलेगा, बल्कि उद्योग को बड़ा झटका लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उपभोक्ता इन बाइक्स को लग्जरी नहीं मानते, बल्कि इन्हें किफायती और कुशल विकल्प समझते हैं। ये मोटरसाइकिलें लंबे सफर में ईंधन बचाने और आयात पर निर्भरता कम करने में भी मददगार हैं।
नेतृत्व
भविष्य की तैयारी और वैश्विक नेतृत्व
सिद्धार्थ ने कहा कि समान 18 प्रतिशत GST दर सिर्फ मौजूदा बाजार को बचाने के लिए नहीं, बल्कि भारत को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए भी जरूरी है। इससे बैटरी और सेमीकंडक्टर जैसे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा और एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग तंत्र तैयार होगा। उनका मानना है कि सही नीति अपनाकर भारत आने वाले दशकों तक दोपहिया उद्योग और नई तकनीक आधारित गतिशीलता में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है।