भारतीय कर्मचारियों की अतिरिक्त मेहनत करने की प्रवृत्ति में 4 फीसदी की कमी
एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 के बाद से भारतीय कर्मचारियों की अतिरिक्त मेहनत करने की प्रवृत्ति में 4 फीसदी की कमी आई है।
IT सेक्टर पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा, जहां 6 फीसदी की गिरावट देखी गई। प्रोफेशनल सर्विसेज के साथ कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।
हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में कर्मचारियों का मोटिवेशन स्थिर बना रहा।
कर्मचारी अब चाहते हैं असली पहचान
अब कर्मचारियों को केवल शानदार सुविधाएं (कूल पर्क्स) और मनोरंजन वाले ऑफिस लुभा नहीं पा रहे हैं। आजकल कर्मचारी असली पहचान चाहते हैं और चाहते हैं कि उनके काम को वाकई महत्व मिले।
रिपोर्ट के मुताबिक, जो लीडर्स अपने कर्मचारियों की सचमुच परवाह करते हैं, वे बड़ा बदलाव लाते हैं। ऐसे लीडर्स की वजह से कंपनियों के लिए नए कर्मचारी ढूंढना और उन्हें अपने साथ बनाए रखना आसान हो जाता है, साथ ही उनमें अतिरिक्त काम करने का जज्बा भी बढ़ता है।
ऑटोमेशन की वजह से काम करने का तरीका बदल रहा है, ऐसे में लोगों को उनके काम का मकसद समझाना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।